भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में चरमोत्कर्ष तनाव रहते हुए पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने कहा कि कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान की सैन्य अदालत में निष्पक्ष ट्रायल चला है. मंगलवार को कोर्ट ने पाकिस्तान की जाधव केस को स्थगित करने की मांग को खारिज कर दिया.
मंसूर खान ने कहा कि भारत के इस केस को कोर्ट को फौरन अस्वीकार कर देना चाहिए क्योंकि यह पूरी तरह से झूठ पर आधारित है. इसमें लगाए गए आरोप मगढंत और हास्यास्पद हैं. जाधव भारत की खुफिया एजेंसी का हिस्सा हैं, उसने यह बात मानी है. भारत की तरफ से ICJ में याचिका एक पुरानी लोकोक्ति “मुंह में राम और बगल में छूरी” का उदाहरण है.
पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा के खिलाफ ICJ में सोमवार को भारत का पक्ष विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी दीपक मित्तल और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने रखा था. दूसरे दिन पाकिस्तान अपना तर्क रख रहा था. मित्तल तथा वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने न्यायालय को अवगत कराया कि पाकिस्तान में जाधव के खिलाफ सुनवाई निष्पक्ष नहीं हुयी, पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने सुनवाई के दौरान न्यूनतम मानकों को भी नहीं पूरा किया. राजनयिक संपर्क दिए बगैर जाधव को लगातार हिरासत में रखा जाना अवैध है तथा पाकिस्तान की कहानी तथ्यों के आधार पर न होकर वाकपटुता और चालाकी पर आधारित है. पाकिस्तान ऐसा कोई भी सबूत नहीं दे सका है जिससे आतंकवादी गतिविधियों में जाधव की लिप्तता शामिल हो.
ICJ ने मंगलवार को पाकिस्तान की कुलभूषण जाधव केस को स्थगित करने की मांग को खारिज कर दिया. कल पाकिस्तान की तरफ से केस की सुनवाई टालने का अनुरोध किया गया था, लेकिन उसे अस्वीकार करते हुए आज सुनवाई शुरू होने से पहले कोर्ट में जजों ने पूछा कि क्या वह (पाकिस्तान) बहस के लिए तैयार है? पाक द्वारा हामी भरने पर बहस शुरू हुयी. पाक के अटॉर्नी जनरल ने भारत पर आतंक का प्रायोजक होने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान के आर्मी स्कूल में हुए आतंकी हमले में 140 मासूमों की जान गई थी, वह भारत समर्थित अफगानिस्तान का किया आतंकी हमला था. भारत 1947 से ही पाकिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है. मैं खुद भारतीय क्रूरता का शिकार रहा हूँ. एक युवा आर्मी ऑफिसर के तौर पर मैं भारत की जेल में बंद था.


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