वित्त मंत्रालय ने छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान करते हुए GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा, यह छूट 1 अप्रैल 2019 से लागू होगी. इससे छोटे एवं मझोले उद्यमों को बड़ा फायदा होगा. इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली इकाइयों को एक मुश्त कर (कंपोजीशन स्कीम) की योजना भी एक अप्रैल से लागू होगी.
पिछले ही सप्ताह GST पर मंत्रियों की एक समिति ने रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा बढ़ाने पर सहमति जताई थी. कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि इस फैसले से छोटे व्यापारियों को फायदा मिलेगा और रजिस्ट्रेशन में छूट की सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने से लगभग दस लाख छोटे व्यापारी टैक्स दायरे से बाहर हो सकते हैं जो एक अच्छा संकेत है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली GSTकाउंसिल ने दस जनवरी को ये फैसला किया था, जिसमें राज्यों के वित्त मंत्री शामिल रहते हैं. वित्त मंत्रालय के अनुसार ये फैसला एक अप्रैल से प्रभावी होंगा. मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वस्तुओं की आपूर्तिकर्ताओं के लिए GST के तहत पंजीकरण और भुगतान से छूट के लिये दो सीमा है. एक सीमा 40 लाख रुपये और दूसरी सीमा 20 लाख रुपये है. राज्यों के पास एक सीमा अपनाने का विकल्प भी है.
सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण के लिये सीमा 20 लाख रुपये तथा विशेष श्रेणी वाले राज्यों के मामले में सीमा 10 लाख रुपये है. साथ ही GST एक मुश्त योजना के तहत अब डेढ़ करोड़ रुपये के कारोबार वाले कारोबारी आएंगे, जबकि अबतक यह सीमा एक करोड़ थी. इसके तहत कारोबारियों को एक प्रतिशत कर देना होता है. यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा.
GST काउंसिल ने कम्पोजिशन स्कीम में शामिल टैक्स पेयर्स को तीन महीने में टैक्स रिटर्न फाइल करने की भी इज़ाजत दे दी है. छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कंपोजिशन स्कीम है. शुरुआती दौर में GST Tax System की तमाम जटिलताओं से राहत देने के लिए सरकार ने छोटे कारोबारियों को कंपोजिशन स्कीम अपनाने का विकल्प दिया था.


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