बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के अवसर पर ज्ञान भवन पटना में आयोजित राष्ट्रीय विमर्श कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कहा कि चंपारण सत्याग्रह को आज सौ साल पूरा हुआ पर आज देश और पूरी दुनिया में असहिष्णुता का, टकराव का एक विचित्र माहौल है, तो आवश्यक है कि गांधी जी के विचारों से प्रभावित लोग आज के संदर्भ में उस पर सार्थक बहस करेंl
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी आज ही के दिन 10 अप्रैल 1917 को बिहार पटना पधारे थे और आज ही मुजफ्फरपुर के लिए प्रस्थान किया थाl वहां कुछ दिन रुके और वहां से मोतिहारी गये और मोतिहारी में 18 अप्रैल को जो कुछ भी हुआ वह सब हमलोगों को मालूम हैI उसके तीन दिन बाद बेतिया के लिए प्रस्थान किये, उनकी विभिन्न जगहों पर यात्राएं हुईंl इस क्रम में चंपारण सत्याग्रह ने जो रूप धारण किया उसका प्रभाव सिर्फ वहां के किसानों को मजदूरों को निलहों से आजादी मिली, परन्तु बात वहीं नहीं रही, बल्कि उसका संदेश पूरे देश में फैलाl देश में चल रही आजादी की लड़ाई ने एक जबरदस्त रूप धारण कियाl
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1917 में चंपारण सत्याग्रह से आजादी की लड़ाई ने जोर पकड़ा और 30 साल में आजादी मिली, आज सौ साल पूरा हुआ तो आज जो देश और पूरी दुनिया में असहिष्णुता और टकराव का एक विचित्र माहौल हैl लोगों के दिल- दिमाग में जो भौतिकतावादी चीजें हावी हैंl इस स्थिति में आवश्यक है कि गांधी जी के विचारों से प्रभावित लोग एक जगह एकत्रित हों और गांधी जी के जो विचार थे उस पर आज के संदर्भ में सार्थक बहस करें तो मुझे पूरा विश्वास है कि इसका जो नतीजा निकलेगा, वह देश और पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण होगाl इसी भरोसे और विश्वास के साथ हमलोगों ने इसका आयोजन किया हैl




उन्होंने कहा कि गांधी जी ने जो कुछ भी कहा, उसको स्वीकार करते हुए हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत गांधी जी का विचार ही रहा हैl इसलिए हमलोगों ने यहां न्याय के साथ विकास के रास्ते को अपनाया हैl विकास भी ऐसा होना चाहिए, जिसमें जस्टिस हो, न्याय हो, सबको उसका लाभ मिले, सभी इलाके का विकास होl हमलोगों की कोशिश यही रही और ये काम करते हुए हमलोगों को लगा की कुछ सामाजिक मुद्दे भी हैंl हमलोगों ने नारी सशक्तिकरण की दिशा में काम किया, समाज का जो उपेक्षित व वंचित तबका है, उसको मुख्य धारा से जोड़ने तथा उसको भी लाभ मिले, इस दिशा में कार्य कियाl
उन्होंने कहा कि नशा पूरे समाज को जकड़ती चली जा रही थी, उसके चलते समाज को जो बरबादी हो रही थी उसको हमलोग इसे देख रहे थेl हम तो अपने छात्र जीवन से ही इसके खिलाफ थे, लेकिन सरकार में आने के बाद यह द्वंद मन में रहता था कि तो भई अगर हम शराब को बंद भी करें तो पता नहीं कि यह प्रभावी ढंग से लागू हो पायेगा या नहीं? पांच अप्रैल से प्रदेश में शराबबंदी पूरे प्रभावी ढंग से लागू कर दी और चंद अपवाद को छोड़ पूरे बिहार के लोगों ने इसका समर्थन कियाl लेकिन इसके बाद भी मैंने देखा कि इसके लिए जनचेतना जरूरी हैl




उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विमर्श के जो भी नतीजे निकलेंगे, मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि इन सब चीजों को हमलोग पुस्तक की शक्ल में प्रकाशित करेंगेl विमर्श के नतीजों से आम लोगों को अवगत करायेंगेl सबसे बड़ी बात यह होगी कि आप एजेंडा सेट कीजियेगा कि देश को किस तरह से आगे ले जाना हैl एक बड़ी विचित्र स्थिति है, कुछ लोग केवल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैंl सिर्फ प्रतिक्रिया व्यक्त करने से किसी समस्या का समाधान नहीं होताl आपकी क्या सोच है, आपको उसको लोगों के सामने रखना चाहिए और आप लोगों पर छोड़ दीजिए कि वे कौन सा रास्ता पसंद करते हैंl
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे तो पूरा विश्वास है आप लोग यहां पर तय करके किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे, उनका जबरदस्त प्रभाव होगा और लोग सोचेंगे कि देश में कम से कम एक तरफा संवाद नहीं चलेगा यहाँ दोतरफा संवाद चलेगा और देश की जनता तय करेगी कि कौन सा रास्ता देश को सही रास्ते पर ले जायेगाl




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