हॉर्लिक्स को देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर (HUL) ने खरीद लिया. सौ साल से देश में एनर्जी सप्लिमेंट की तरह इस्तेमाल हो रहे हॉर्लिक्स को बनाने वाली कंपनी गैल्कसोस्मिथक्लाइ (GSK) ने HUL के साथ मर्जर की मंजूरी दे दी. इस मर्जर के लिए HUL ने 31,700 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.
देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर उत्पाद डील में GSK के एक शेयर के मुकाबले HUL के 4.39 शेयर रखे गए. इस डील के साथ ही GSK के न्यूट्रिशन बिजनेस के अलावा सेंसोडाइन, ओरल केयर ब्रैंड्स, ईनो, क्रोसीन समेत कई ओवर-द-काउंटर (OTC) के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स भी अब HUL को मिल गये हैं.
हॉर्लिक्स ने प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 100 वर्ष पूर्व भारत में एंट्री की थी. ब्रिटिश आर्मी में ‘हॉर्लिक्स’ भारतीय सैनिकों को सप्लीमेंट फूड के तौर पर दिया जाता था. आजादी के बाद कंपनी ने ह़र्लिक्स की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी बदलते हुए हॉर्लिक्स की ब्रांडिंग मध्यम वर्गीय परिवार के बीच करने के लिए इसे बच्चों की ग्रोथ के लिए अहम पोषण ड्रिंक के तौर पर पेश किया.
इंग्लैंड में हॉर्लिक्स का ब्रांड हाँलाकि 140 साल पुराना है और HUL के साथ हुई इस डील से कंपनी का इंग्लैंड में कारोबार प्रभावित नहीं होगा. इंग्लैंड में इसकी ओनरशिप गैल्कसोस्मिथक्लाइ के पास ही रहेगी.



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