कर्नाटक के कांग्रेसी नेता इब्राहिम कोंदिजल ने बहुविवाह प्रथा का बचाव करते हुए कहा है कि इस्लाम में इसकी इजाजत इसलिए दी गई है ताकि पत्नी के बीमार होने पर पति किसी “वेश्या” के पास न जाए। कांग्रेस के दक्षिण कन्नड़ क्षेत्र के प्रमुख इब्राहिम ने कहा कि पति अपनी सेक्सुअल जरूरत को पूरा कर सके इसलिए इस्लाम में बहुविवाह की इजाजत दी गई है। कन्नड़ नेता कहते हैं- “मान लीजिए कि पत्नी बीमार या (मासिक से) हो जाती है, पति के साथ सेक्स नहीं कर सकती तो पति को सेक्स वर्कर के पास जाना होगा। इस्लाम कहता है कि आप सेक्स वर्कर के पास नहीं जा सकते। अगर आप चाहते हैं तो फिर से शादी कर लीजिए। इब्राहिम पत्रकारों के यूनिफार्म सिविल कोड पर पूछे एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इब्राहिम ने पत्रकारों से कहा कि इस्लाम बहुविवाह की इजाजत देता है ताकि शौहर अपनी सेक्सुअल जरूरत पूरी कर सके। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा  कि क्या आप इसको सही समझते हैं? इस पर इब्राहिम ने कहा कि इस्लाम में इसकी इजाजत उन्हें ही दी गई है, जो आर्थिक और शारीरिक रूप से बहुविवाह करने में सक्षम हैं। सुप्रीम कोर्ट कुछ मुस्लिम महिलाओं की याचिका पर इस समय मुसलमानों में तीन तलाक मुद्दे की मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से तीन तलाक पर उसका पक्ष जानना चाहा था और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वो तीन तलाक को लैंगिक समानता और संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार के खिलाफ मानती है। केंद्र सरकार ने कहा कि इस्लाम में तीन तलाक अनिवार्य नहीं है। भारत के लॉ कमीशन ने सात अक्टूबर को अपनी वेबसाइट पर यूनिफॉर्म सिविल कोड पर लोगों की राय मांगी है। हालांकि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसका विरोध करते हुए इसे BJP नीत सरकार का नाटक बताया है। पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारियों समेत कई मुस्लिम नेता इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं सलीम खान समेत कई मुस्लिम हस्तियां भी तीन तलाक का विरोध कर रही हैं।  

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