सरकारी स्कूलों के कक्षा 5 के 72% छात्रों को भाग करना नहीं आता, तीसरी क्लास के 70% स्टूडेंट घटाना नहीं जानते. 8वीं क्लास के 56% छात्रों को बेसिक गणित नहीं आती. 8वीं के 27% छात्र दूसरी के स्तर की किताबें भी नहीं पढ़ पाते.
“प्रथम” नामक NGO की एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (ASIR) 2018 में यह नतीजे सामने आए हैं. रिपोर्ट तैयार करने के क्रम में 28 राज्यों के 596 जिलों में 3 से 16 साल की उम्र वर्ग के 5.5 लाख बच्चों से सवाल-जवाब किए गये हैं.
रिपोर्ट के अनुसार दस साल पहले के मुकाबले 2018 में स्कूली छात्रों के प्रदर्शन के स्तर में काफी गिरावट आई है. 2008 में यह पाया गया कि कक्षा 5 के 63% छात्र गणित के बेसिक सवालों को हल नहीं कर सकते थे लेकिन 2018 में ऐसे छात्रों का प्रतिशत बढ़कर 72% हो गया है. 8वीं कक्षा के 84.8% छात्र 2008 में कक्षा 2 के स्तर की टेक्स्ट बुक पढ़ पाते थे पर वर्ष 2018 में ऐसे छात्रों की संख्या घटकर 72.8% हो गई है.
अंकगणित के मामले में लड़कियां, लड़कों से 12% पीछे हैं. हाँलाकि तुलनात्मक दृष्टि से हिमाचल, पंजाब, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में लड़कियों का प्रदर्शन अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर है.



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