अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर की खरीद में कब, कौन सा मंत्री क्या फैसला ले रहा था, मिशेल क्रिश्चियन इसकी जानकारी विदेश भेज रहा था. समझ नहीं आता है कि कांग्रेस ने सरकार चलाई है या मिशेल मामा का दरबार चलाया. अगस्ता वेस्टलैंड में जिस- जिस की भूमिका रही है, उसका फैसला देश की जनता और जांच ऐजेंसिया करेंगी. कांग्रेसी सरकारों ने समय रहते किसान के हितों की परियोजनाओं को पूरा कर दिया होता तो आज किसानों को कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती. पहले कांग्रेस सरकारों ने किसानों को कर्ज लेने पर मजबूर किया और आज कर्जमाफी के नाम पर किसानों को गुमराह कर रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के बारीपदा में हाईवे, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस, रेलवे, पर्यटन से जुड़ीं 4500 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और झारखंड के पलामू में डैम परियोजना सहित किसानों के लिए 3682.06 करोड़ की 6 योजनाओं की शुरुआत करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे. मोदी ने ओडिशा में कहा कि हेलिकॉप्टर की खरीद में कब कौन सा मंत्री क्या फैसला ले रहा था, मिशेल क्रिश्चियन इसकी जानकारी विदेश भेज रहा था. समझ नहीं आता है कि कांग्रेस ने सरकार चलाई है या मिशेल मामा का दरबार चलाया है। अगस्ता वेस्टलैंड में जिस-जिस की भूमिका रही है, उसका फैसला देश की जनता और जांच ऐजेंसिया करेंगी.
पीएम ने बारीपदा में कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में गिरफ्तार क्रिश्चियन मिशेल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा और राफेल डील पर कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार भी किया. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें किसी भी कीमत पर चौकीदार को रास्ते से हटा देना चाहती है, क्योंकि सोसायटी हो या फ्लैट, कारखाना हो या मोहल्ला, चोर सबसे पहले चौकीदार को हटाने का षडयंत्र रचते हैं क्योंकि चौकीदार के रहते उनकी दाल नहीं गलती है.
मोदी ने कांग्रेस पर देश की आंखों में धूल झोंकने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद के पवित्र पटल का अपने मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करने वालों को रक्षा मंत्री ने देश के सामने बेपर्दा कर दिया. इस सरकार की साफगोई नामदारों को इसलिए भी खटक रही है क्योंकि उनके राज खुल रहे हैं. कल ही अखबारों में एक रिपोर्ट आई- विदेश से यहां लाये गए हेलीकॉप्टर घोटाले के बिचौलिए, कांग्रेस के करप्शन के राज़दार मिशेल की एक चिट्ठी से खुलासा हुआ है कि इस राजदार का कांग्रेस के टॉप नेताओं, मंत्रियों से गहरी पहचान थी. PMO में कौन सी फाइल कहां जा रही है, क्या फैसले लिए जा रहे हैं, इस बात की जानकारी जितनी इस बिचौलिए शख्स को रहती थी संभवत: उस समय के PM को भी नहीं रहती थी.


पीएम ने कहा कि समझ में नहीं आता कि कांग्रेस ने सरकार चलाई है या अपने मिशेल मामा का दरबार चलाया है, मैं आज स्पष्ट कहना चाहता हूं, देश की आंखों में धूल झोंकने वालों को, देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को और देश के बजाय बिचौलियों के हितों की रक्षा में जिस-जिस की भूमिका रही है, उनका पूरा हिसाब जांच एजेंसियां करेंगी, देश की जनता करेगी. 2004 से 2014 के बीच देश की सेना को केन्द्र की सरकार ने कमजोर करने की साजिश रची, और जब उनकी सरकार इस साजिश से देश को बाहर निकाल रही है तो वे उनकी आंखों में खटकने लगे हैं.
ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार पर निशाना साधते हुए PM ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जो भी प्रयास कर रही है, उसका लाभ ओडिशा को भी मिलना चाहिए. लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि यहां की सरकार बेटियों से जुड़ी योजनाओं के प्रति गंभीर नहीं है. सामान्य मानवी का सिस्टम से संघर्ष कम हो, जिन सुविधाओं का वो हकदार है, वो उसे आसानी से मिलें, सरकारी सेवाओं के लिए उसे दफ्तरों के चक्कर ना लगाने पड़े, इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं और नई व्यवस्थाएं तैयार कर रहे हैं. विकास, सबका विकास, तेज विकास और संपूर्ण विकास उही केंद्र सरकार के संस्कार हैं. बीते साढ़े 4 साल से सरकार ने ऐसे विकास का रास्ता चुना है, जिस पर नए भारत की भव्य और दिव्य इमारत का निर्माण हो सके.
प्रधानमंत्री की एक पखवाड़े के भीतर ओडिशा की यह दूसरी यात्रा थी, 24 दिसंबर को भुवनेश्वर में 14,500 करोड़ रुपये से अधिक की कुछ परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद ऐतिहासिक खुर्दा शहर के पास भाजपा की एक रैली को संबोधित किया था. PM ने बारीपदा में 3,318 करोड़ रुपये मूल्य की करीब 200 किलोमीटर की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि पूजन किया. ऐतिहासिक हरिपुरगढ़ में संरक्षण की एक परियोजना की शुरुआत की तथा वीडियो कांफ्रेंस के जरिये भदरक, कटक, जाजपुर, असका, क्योंझर और धेनकनाल के डाकघरों में पासपोर्ट सेवा केंद्रों का उद्घाटन किया.
इसके पूर्व प्रधानमंत्री ने झारखंड के पलामू में कहा कि कांग्रेस सरकारों ने पहले किसानों को कर्ज लेने पर मजबूर किया और आज कर्जमाफी के नाम पर उन्हें गुमराह कर रही है. कांग्रेस की सरकारों ने समय रहते किसान हितों की परियोजनाओं को पूरा कर दिया होता तो आज किसानों को कर्ज लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती. देश के उज्जवल भविष्य के लिए किसानों को ताकतवर बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. खेत से बाजार तक नई व्यवस्था खड़ी करके हम किसान को सशक्त कर रहे हैं.
PM ने कहा कि कांग्रेस के लिए किसान सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक है, लेकिन हमारे लिए किसान हमारा अन्नदाता है, कांग्रेस और भाजपा में यही फर्क है. वर्षों से योजना का काम ठप पड़ा था, किसी योजना को पूरा होने में आधी सदी लगनी चाहिए, सूखा प्रभावित क्षेत्र में किसानों के साथ यह लापरवाही? किसानों के साथ ठगी और देश के ईमानदार करदाताओं के साथ बेईमानी? 30 करोड़ रुपए से शुरू होने वाली योजना के लिए अब 2 हजार करोड़ से अधिक की लागत आएगी, जिसका भार करदाताओं को उठाना होगा. इसके लिए पूर्व की सरकार आपकी गुनाहगार है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में दलालों और बिचौलियों की कोई जगह नहीं है. हम सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में सीधा पैसा जमा करके पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं. पहले की योजनाएं जो नामों के आधार पर चलीं वो आज जमीन पर दिखाई नहीं पड़ती हैं, हमारी सरकार नाम के झगड़ों में ना पड़कर काम करने में विश्वास करती है. देश में जब रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी तो उन्होंने पांच साल में गावों में सिर्फ 25 लाख घर बनवाए और हमनें 5 साल से भी कम समय में 1 करोड़ 25 लाख घर बनवा दिए हैं. पहले जो घर मिलते थे उसमें सिर्फ चार दीवारें होती थीं, लेकिन अब जो घर मिल रहे हैं उनमें तमाम मूलभूत सुविधाएं हैं, जो एक परिवार के लिए जरूरी होती हैं.



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