रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भुवनेश्वर में रेल सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये देश के अलग-अलग हिस्सों में दो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और एक रेलवे केंद्र की आधारशिला रखीl विशाखापट्टनम से किरंदुल के बीच AC विस्टाडोम कोच वाली यह ट्रेन सफर के दौरान अराकू घाटी (हिल स्टेशन) से भी गुजरेगी। साथ ही बूट मॉडल के तहत विशाखापट्टनम में एक यांत्रिक लॉन्ड्री की भी आधारशिला रखीl प्रभु ने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में लाइफ लाइन एक्सप्रेस को भी झंडी दिखाई और कहा कि इससे गरीब मरीजों को काफी मदद मिलेगीl
लॉन्चिंग के बाद प्रभु ने कहा कि टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए देश में पहली बार विस्टाडोम कोच की शुरुआत हुई है। इससे घरेलू और विदेशी टूरिस्ट अट्रैक्ट होंगे। टूरिस्ट्स की सहूलियतों को देखते हुए खास कोच डिजाइन कराए गए। ताकि सफर आरामदायक और दिलचस्प हो। नॉर्थ-ईस्ट के गुजरने वाली कुछ ट्रेनों में भी ये कोच लगाए जाएंगे।
विस्टाडोम कोच की अल्ट्रा लग्जरी कोच ग्लास प्रूफ हैं। इनमें 360 डिग्री घूमने वाली सीटें, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और जीपीएस बेस्ड इनफोटमेंट सिस्टम लगाया गया है। विंडो और छत के ज्यादातर हिस्सों में कांच लगे होने से पर्यटक/ यात्री 128 किलोमीटर लंबे सफर में नेचर का लुत्फ उठा सकेंगे। कांच की छत वाली ये लग्जरी कोच स्विट्जरलैंड की ट्रेनों की तर्ज पर डिजाइन किए गए हैं। स्विट्जरलैंड जैसे कुछ देशों में ही यह चलती हैं। जिन्हें इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC), रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) और चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी ने मिलकर डिजाइन किया है।
अल्ट्रा लग्जरी कोचों में 360 डिग्री पर घूमने वाली चेयर लगाई गई हैं, ताकि पैसेंजर्स 128 किलोमीटर लंबे रास्ते का शानदार नजारा देख सकें। कोच एसी और ग्लास प्रूफ हैं। एलईडी लाइट्स, मल्टी-टियर लगेज रैक और मॉडर्न इनफोटमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। 40 सीट वाले इस एक कोच पर 3.38 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

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