सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसबंर 2016 को आदेश दिया था कि नेशनल और स्टेट हाईवे के दोनों तरफ 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री नहीं होगीl सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य सरकारें शराब बिक्री का चोर रास्ता निकालने में लग गयी हैंl

ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल सरकार ने तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जनवरी में ही दो महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे को डिनोटिफाई भी कर दिया और अब सूत्रों से मिल रही ख़बरों के अनुसार ममता सरकार राज्य के दूसरे कई जिलों के बाईपास को स्टेट हाईवे का दर्जा देने की तैयारी कर रही है ताकि वहां की शराब दुकानों में तालाबंदी ना हो सकेl हाँलाकि ममता बनर्जी का ये फैसला उनके मां, माटी और मानुष के नारे को खोखला ही साबित करता हैl



अब खबर मिल रही है कि सुप्रीम कोर्ट के धारदार आदेश को भोथरा बनाने के लिए पश्चिम बंगाल के बाद मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार भी कुछ ऐसा ही करने जा रही हैl विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल 1 लाख 30 हजार लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाते हैंl उधर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक सड़क दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह नशा हैl

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उन तमाम सडकों पर आराम से शराब मिलेगी जिन्हें राज्य सरकारें स्टेट हाईवे की श्रेणी से हटा देंगीl राज्य सरकारें हल्के फेरबदल कर इन दुकानों को बचाने में जुटी हुई हैंl ऐसी ज्यादातर शराब दुकानें रिहायशी इलाकों में हैं और वहां पर महिलाओं ने शराब की दुकानों के खिलाफ लगातार मोर्चा खोल रखा हैl हाँलाकि शराब के खिलाफ इस गुस्से को राज्य सरकारें अपनी चालबाजी से भोथरा करने में लगी हैंl



शराब के खिलाफ आम आदमी के इस गुस्से को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ताकत मिली है लेकिन कई राज्य सरकारें इस मामले में अपने दांवपेंच से आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़ कर अपनी तिजोरी भरने के प्रयास में लगी हैl भाजपा शासित कई प्रदेशों के बारे में खबर आ रही है कि ये अपने स्टेट हाईवे को डिनोटिफाई करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि शराब से मिलनेवाले उनके राजस्व में कोई कमी ना आयेl

इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात उत्तर प्रदेश से छन कर आ रही है कि इस दिशा में वहाँ भी तैयारी चल रही हैl योगी आदित्यनाथ के काम करने के तौर तरीकों से कुछ लोगों को आपत्ति हो सकती है लेकिन उनकी नीयत पर उनके कट्टर विरोधी भी अपने को बचाकर ही अंगुली उठा रहे हैंl हाँलाकि योगी जिस तरह के शासन व्यवस्था का ख्वाब दिखा रहे हैं और अब तक के उनके एक्शन सामने आये हैं, उसमें शराब के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का काट निकालने की जगह तो नहीं दिखती……..

 

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