लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बिहार में राजनैतिक सरगर्मियां काफी बढ़ गई हैं. विपक्षी महागठबंधन की लगातार तलाशी जा रही संभावनाओं के बीच भाजपा के सहयोगी रहे रालोसपा प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा विपक्षी महागठबंधन में शामिल हो गए.
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के दिल्ली स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि बिहार में पहले से गठबंधन था और आज उसमें राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हो गए हैं. हम उनका स्वागत करते हैं.
इस मौके पर राजद नेता पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बिहार के वरिष्ठ नेता शरद यादव, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल भी मंच पर मौजूद थे.
रालोसपा ने 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन कर लड़ा था और तीनों सीटों पर जीत हासिल की थी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के हाथ मिलाने के साथ ही तनाव शुरू हो गया था और 2019 के लोकसभा चुनाव में कुशवाहा को दो सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद ही वह एनडीए से अलग हो गए थे. बिहार की राजनीति में अहम दखल रखने वाले नेताओं का जमावड़ा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में अहम भूमिका निभा सकती है. हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों से यूं भी कांग्रेस में काफी उत्साह है.
कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने इस अवसर पर कहा कि बिहार और देश की चिंता करते हुए कुशवाहा जी ने राजग से नाता तोड़ा और आज हमारे साथ जुड़ रहे हैं. उन्होंने बिहार और पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्ग के लोगों के हित में यह फैसला किया है. हम अपने परिवार में तहेदिल से उनका स्वागत करते हैं.


राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह संविधान को और देश को बचाने की लड़ाई है. यह उनके खिलाफ लड़ाई है, जिन्होंने जनता को सिर्फ धोखा देने का काम किया है. तेजस्वी ने कुशवाहा को बधाई देते हुए कहा कि सभी दल ‘देश और संविधान बचाने’ के लिए एकजुट हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को ठगने के अलावा कुछ नहीं किया. उपेंद्र कुशवाहाजी ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था के लिए बहुत लड़ाइयां लड़ी हैं. आने वाले चुनाव में महागठबंधन ठगों को करारा जवाब देगा.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और RLSP सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज से हमारी पार्टी UPA का हिस्सा है. मैं यहां बिहार की जनता के आशीर्वाद के कारण उपस्थित हुआ है. NDA छोड़ने का कारण यह था कि मेरा वहां अपमान हो रहा था. कुशवाहा ने राहुल गांधी और लालू यादल का आभार भी जताते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने उदारता दिखाई.
कुशवाहा ने PM मोदी व नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ वादे दिए, उन्हें पूरा नहीं किया. दोनों वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर फेल है, न तो शिक्षा का स्तर सुधरा न रोजगार के रास्ते खुले. हमें और हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिशें की गईं ताकि हम सोशल जस्टिस की बात न कर सकें. नीतीश जी ने मुझे नीच कह कर अपमानित किया. PM और नीतीश कुमार ने कहा था कि अब बिहार के लोगों को दवाई व कमाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन क्या ऐसा हुआ?
उन्होंने किसानों की कर्जमाफी का उदाहरण देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की तारीफ में कहा कि उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है. एनडीए छोड़ने के बाद उन्होंने दो बार राहुल गांधी से और फिर अहमद पटेल से भेंट की थी. कुशवाहा ने एलान किया कि दो फरवरी को सरकार के खिलाफ पटना में आक्रोश मार्च निकाली जाएगी.



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