राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कह दिया है कि वो राष्ट्रपति पद के रेस में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर प्रस्ताव आता भी है तो हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कह दिया है कि वो राष्ट्रपति पद के रेस में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर प्रस्ताव आता भी है तो हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे.

आपको बता दें कि अगले राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहयोगी पार्टी के नेताओं को डिनर पर चर्चा के लिए बुलाया गया था. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 25 जुलाई को खत्म हो रहा है. इससे पहले अगले राष्ट्रपति को चुना जाना है.

संजय राउत ने की थी भागवत को राष्ट्रपति बनाने की मांग

दरअसल मीडिया के कुछ हलकों में ऐसी खबरें थी कि एनडीए सरकार RSS प्रमुख मोहन भागवत को अगला राष्ट्रपति बना सकती है. शिवसेना की ओर से ऐसी मांग की गई थी कि हिदुत्व का चेहरा और साफ छवि वाले मोहन भागवत को देश का अगला राष्ट्रपति बनाया जाए. शिव सेना सांसद संजय राउत का कहना था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए भागवत बतौर अगले राष्ट्रपति सही पसंद होंगे. उनके मुताबिक, ‘ये देश का सबसे ऊंचा ओहदा है. इसके लिए किसी साफ छवि के शख्स को ही चुना जाना चाहिए. मैंने सुना है कि जिन उम्मीदवारों पर चर्चा हो रही है, उनमें मोहन भागवत भी शामिल हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *