महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी ने यह खुलासा किया है कि तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने उन्हें आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाने के लिए उनसे बातचीत की थी। गोपाल कृष्ण गांधी ने इसकी जानकारी बीते बुधवार (10 मई) को दी। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि बातचीत बेहद शुरुआती दौर में ही हुई थी और मुद्दे को लेकर विस्तार से कोई चर्चा नहीं हुई थी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने गांधी को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने के लिए उनसे बातचीत की थी, लेकिन गांधी ने प्रस्ताव मानने से इंकार कर दिया। वहीं यह जानकारी भी सामने आ रही है कि इस मुद्दे पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार, शरद यादव और सीपीआई के एस. सुधाकर रेड्डी और डी राजा के साथ गोपाल कृष्ण गांधी की बैठक भी हुई थी।

वहीं खबरों के मुताबिक यह जानकारी भी सामने आ रही है कि विपक्षी दलों की तरफ से साझा उम्मीदवार की घोषणा करने को लेकर दो नामों पर विचार किया जा रहा था। इनमें से एक था गोपाल कृष्ण गांधी और दूसरा था पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार का, लेकिन कई विपक्षी दल कांग्रेस के नेता को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। खबरों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, गांधी को उम्मीदवार घोषित करने की इच्छुक थीं। उन्होंने 2012 में भी उन्हें उपराष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन गांधी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया था। बता दें गांधी के नाम पर चर्चा बीते महीने तब शुरू हुई जब सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कांग्रेस से मुलाकात की थी।

इसके अलावा राष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने को लेकर सोनिया गांधी ममता बनर्जी और बीएसपी सुप्रीमो मयावती से इसी महीने में मुलाकात कर सकती हैं। वहीं कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वह राष्ट्रपति के उम्मीदवार की घोषणा करने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते और सत्ताधारी बीजेपी के उम्मीदवार की घोषणा होने के बाद, रणनीति तय कर अपना उम्मीदवार घोषित करेंगे। इसके अलावा कई विपक्षी दलों का रुझान बीजेपी की तरफ भी माना जा रहा है। वाईएसआर कांग्रेस के जगन मोहन रेड्डी पहले ही बीजेपी उम्मीदवार के लिए अपना सपोर्ट घोषित कर चुके हैं।

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