भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 350 सीटें जितने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए मिशन 2019 की तैयारी के क्रम में बैठकों का दौर शुरू कर दिया. पार्टी ने कुछ मंत्रियों और नेताओं को खास टारगेट दिया है.
नई दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में 31 नेताओंकी मौजूदगी में तीन घंटे चली एक बैठक में अमित शाह के अलावा 2019 के लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में अन्य कुछ नेताओं ने भी अपनी बातें रखीं. बैठक में उन 150 सीटों को लक्ष्य करने पर विशेष जोर दिया गया जहाँ भाजपा को 2014 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना पड़ा था. भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं से इन सीटों पर खास जोर लगाने के लिए कहा है.
अमित शाह 2019 के चुनाव में पिछले लोकसभा चुनाव से 78 सीट अधिक जीतने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. जिसकी रणनीति पर सालभर पूर्व से काम भी चल रहा है. इसी क्रम में सीटें बढ़ाने की सबसे अधिक और सहज संभावनाओं वाले ओडिशा में भाजपा कार्यकारिणी आयोजित की गई और अब कार्यसमिति की बैठक किसी तटीय राज्य में करने की तैयारी है. जो संभवत: आंध्रप्रदेश में हो.
पार्टी ने तमिलनाडु-पुड्‌डुचेरी की 40, केरल की 20, पश्चिम बंगाल की 42 और ओडिशा की 21 सीटें यानी 123 में से 117-119 सीट जीतने का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनके साथ अरुण सिंह और जोएल ओराम रहेंगे. पश्चिम बंगाल में कैलाश विजयवर्गीय, रूपा गांगुली, हेमंत विश्वसरमा को जिम्मा सौंपा गया है. केरल में एम राव, एस गुरुमूर्ति, राजगोपाल को जिम्मेदारी तो तमिलनाडु में सीटी रवि, एस गुरुमूर्ति और एम राव को यह जिम्मेदारी दी गयी है.
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, जे पी नड्डा, अनंत कुमार, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण, मनोज सिन्हा, प्रकाश जावड़ेकर, अर्जुन मेघवाल, पार्टी महामंत्री राम लाल, भूपेन्द्र यादव के अलावा कुछ राज्यों से पार्टी के चुनिंदा प्रतिनिधी भी इस में शामिल थे.



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