महाराष्ट्र सरकार द्वारा आज किसानों की ऋण माफी करते हुए इसके लिए मानदंड तय करने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा होने के साथ ही कृषकों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है।
राजस्व मंत्री चन्द्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने का निर्णय किया है। सीमांत किसानों का सारा ऋण आज से ही माफ किया जाता है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष पाटिल किसान नेताओं से चर्चा के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
राजस्व मंत्री से जब पूछा गया कि आज से जब नए सिरे से ऋण दिया जा रहा है तो क्या पुराने ऋण का समावेशन होगा, उन्होंने कहा कि यह सामान्य बैंकिंग प्रश्न है। जब तक पुराना ऋण माफ नहीं होगा, नया ऋण नहीं मिल सकता।

वार्ता में भाग लेने वाले किसान नेता और लोकसभा सदस्य राजू शेट्टी ने कहा कि वह खुश हैं कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। शेट्टी ने कहा कि हमारे मुद्दे सुलझ गए हैं। हमने कल और परसों होने वाले धरना- प्रदर्शन सहित अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला लिया है। लेकिन यदि 25 जुलाई तक ऋण माफी पर कोई संतोषजनक फैसला नहीं लिया गया तो हम अपना आंदोलन फिर शुरू करेंगे।
अन्य किसान नेता रघुनाथदादा पाटिल ने कहा कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि किसानों का सारा कर्ज माफ होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल दीवाली के त्योहार जैसा माहौल है। हमारी सभी,100 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रीसमूह ने किसानों को आज से नए सिरे से ऋण देना शुरू करने का फैसला भी लिया है।
निर्दलीय विधायक बाचु काडु ने कहा कि हम सड़क और रेल रोको आंदोलन वापस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन आज लिए गए फैसले 24 जुलाई तक लागू नहीं होते हैं तो, किसान अपना आंदोलन फिर शुरू करेंगे।

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