प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि “करतारपुर गलियारा” भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच सेतु का काम करेगा. प्रधानमंत्री ने बर्लिन की दीवार के गिरने का हवाला देने के साथ ही लोगों से लोगों के संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह गलियारा बेहतर भविष्य की ओर जायेगा. करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर पूर्व PM मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार की तारीफ की है.
मोदी ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों और सेनाओं के बीच मुद्दे बने रहेंगे और सिर्फ समय ही हमें इससे बाहर निकलने का मार्ग दिखायेगा. क्या कभी किसी ने सोचा था कि बर्लिन की दीवार गिरेगी? हो सकता है गुरु नानक देवजी के आशीर्वाद से करतारपुर गलियारा महज एक गलियारा नहीं रह जायेगा बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच एक सेतु का काम करेगा.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए गलियारा बनाने को मंजूरी देने पर मोदी सरकार की तारीफ की. इसके पूर्व मोदी सरकार के फैसले की नवजोत सिंह सिद्धू ने भी तारीफ की थी. पूर्व प्रधानमंत्री ने इस गलियारे के दोनों देशों के लोगों के बीच पुल का काम करने संबंधी बयान के बारे में कहा कि इस लक्ष्य को हासिल किए जाने से पहले कई बाधाओं को पार करना होगा. प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘टूवार्ड्स पीस, हारमोनी एंड हैपीनेस: ट्रांजिशन टू ट्रांसफॉर्मेशन’ के सम्मेलन से इतर उन्होंने कहा कि इसमें कई बाधाएं हैं और इन अड़चनों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. लेकिन कोई भी शुरुआत अच्छी शुरुआत होती है, मुझे उम्मीद है यह सफल होगी.
भारत सरकार ने 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में करतारपुर सड़क गलियारे के निर्माण का भारत-पाकिस्तान सीमा तक एकीकृत विकास परियोजना के तहत करने का 22 नवंबर 2018 को फैसला किया. इस गलियारे के निर्माण से सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेक सकेंगे.
भारत में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू 26 नवंबर को डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब सड़क गलियारे की आधारशिला रखेंगे. यह सड़क गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाएगी. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह इस मौके पर उपस्थित रहेंगे. भारत सरकार के इस फैसले का पाकिस्तान ने भी स्वागत किया था. पाकिस्तान में इमरान खान 28 नवंबर को कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे.
उधर करतारपुर कॉरिडोर शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान सरकार द्वारा आमंत्रित किए जाने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे. समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान ने सुषमा स्वराज को आमंत्रण दिया था.


पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि पाकिस्तान की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर पाकिस्तान सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि “मैं 28 नवंबर 2018 को करतारपुर साहिब कॉरिडोर शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का शुक्रिया अदा करती हूँ.” “मैं निर्धारित तारीख को करतारपुर साहिब जाने में असमर्थ हूँ, लेकिन वहां भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर मेरे सहयोगी हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी उपस्थिति होंगे.” “हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान सरकार कॉरिडोर का निर्माण सुनिश्चित करेगी ताकि हमारे नागरिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में जल्द से जल्द जा सकें.”
करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेने के पाकिस्तान के निमंत्रण को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह कहते हुए निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैनिकों की हत्या की जा रही है. पंजाब में भी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले कर रहे हैं. वहीं कैप्टन मंत्रिमंडल के सहयोगी नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान जाने को लेकर काफी उत्साहित हैं.
सिद्धू ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के निमंत्रण पर कहा कि वह इस ऐतिहासिक अवसर पर उनसे मिलने के लिए उत्सुक हैं. कार्यक्रम में जाने के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय में आवेदन भी कर दिया है. तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के कंपेन में व्यस्त सिद्धू से जब पूछा गया कि वह कंपेन को बीच में छोड़ कर जाएंगे तो उनका कहना था कि चुनाव प्रचार का पड़ाव 26 नवंबर को खत्म हो जाएगा। अगला शिड्यूल 29 को जारी होगा, अत: चुनाव प्रचार से हटने जैसी कोई बात नहीं होगी.
सिखों के पहले गुरु श्री नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 15 साल करतारपुर की धरती पर ही गुजारे थे और यहीं उन्होंने अपना शरीर भी छोड़ा था. यहां खुद खेती करके उन्होंने समाज को ‘किरत करो, वंड छको और नाम जपो’ का संदेश दिया था. श्री करतापुर साहिब गुरुद्वारे को पहला गुरुद्वारा माना जाता है जिसकी नींव श्री गुरु नानक देव जी ने रखी थी. उन्होंने यहां से ही लंगर प्रथा की शुरुआत की थी. यह स्थल पाकिस्तान में भारतीय सीमा से करीब चार किलोमीटर दूर है और अभी पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक बार्डर आउटपोस्ट से दूरबीन से भारतीय श्रद्धालु इस गुरुद्वारे के दर्शन करते हैं. श्री गुरुनानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व भी 2019 में वहां मनाया जाना है और इस अवसर पर सिख समुदाय इस कॉरिडोर को खोलने की मांग जोर शोर से करता रहा है. पटियाला स्टेट के महाराजा भूपेंद्र सिंह ने 1947 में इसका जीर्णोद्धार करवाया था, जिसका कार्य चल ही रहा था कि भारत पाक विभाजन हो गया.



loading…

Loading…






Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *