प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा स्पेन के उनके समकक्ष मारियानो राजोय के बीच वार्ता के बाद भारत तथा स्पेन ने बुधवार को साइबर सुरक्षा, अंग प्रत्यारोपण, अक्षय उर्जा, नागर विमानन क्षेत्र सहित सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए. एक समझौता भारत के विदेश सेवा संस्थान तथा स्पेन की डिप्लोमैटिक अकादमी के बीच भी हुआ. दोनों पक्षों में सजा पाए लोगों के हस्तांतरण के करार और राजनयिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट संबंधी करार पर भी दस्तखत किए गए.
भारत और स्पेन दोनों ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से विश्व शांति और स्थिरता के लिये खतरा बनी इस समस्या से निपटने के लिये ‘चयनात्मक’ या ‘आंशिक’ रुख को समाप्त करने का आह्वान किया. दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा में दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. दूसरा समझौता नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में किया गया. अंग प्रत्यारोपण, नागरिक उड्डयन में प्रौद्योगिकी सहयोग, फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तथा डिप्लोमेटिक एकेडमी ऑफ स्पेन के बीच तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए. दो समझौते अदालत से सजा पाए लोगों के स्थानांतरण तथा राजनयिक पासपोर्ट धारक को वीजा से छूट प्रदान करने को लेकर किए गए.

राजोय से बातचीत से पहले मोदी ने कहा कि आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और इस बुराई के खिलाफ लड़ाई भारत-स्पेन के बीच संबंधों का महत्वपूर्ण तत्व बन गया है. स्पेन के उनके दौरे से द्विपक्षीय संबंधों में तेजी आएगी.
मोदी ने स्पेन के राष्ट्रपति की सराहना करते हुए कहा कि राजॉय के नेतृत्व में देश में तेजी से आर्थिक सुधार हुए हैं, जो मेरी सरकार की भी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. यूरोपीय संघ में स्पेन भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. दोनों दोनों का द्विपक्षीय व्यापार 2016 में 5.27 अरब डॉलर रहा. मोदी ने स्पेन की बुनियादी ढांचा, पर्यटन, उर्जा और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता देते हुए कहा कि स्पेन की कंपनियों के लिए यह भारत में निवेश का एक अच्छा समय है.
लगभग 30 वर्षो के दौरान भारत के प्रधानमंत्री का यह पहला स्पेन दौरा है. इससे पहले राजीव गांधी ने सन् 1988 में स्पेन की यात्रा की थी. हाँलाकि मोदी तथा राजोय ने इससे पहले नवंबर 2015 में तुर्की में जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी.
यूरोपीय संघ में स्पेन भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2016 में 5.27 अरब डॉलर रहा. मोदी ने स्पेन की बुनियादी ढांचा, पर्यटन, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता देते हुए कहा कि स्पेन की कंपनियों के लिए यह भारत में निवेश का एक अच्छा समय है.

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