बिजली मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत पहली बार अप्रैल-फरवरी के दौरान बिजली का शुद्ध निर्यातक बना है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, केंद्रीय विद्युत प्राधिरण (सीईए) के अनुसार भारत पहली बार बिजली के शुद्ध आयातक से शुद्ध निर्यातक बना। बयान के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2016-17 (अप्रैल-फरवरी) के दौरान भारत ने 579.8 करोड़ यूनिट बिजली नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को निर्यात किया। यह भूटान से आयातित करीब 558.5 करोड़ यूनिट बिजली से 21.2 करोड़ यूनिट अधिक है। नेपाल और बांग्लादेश को किया गया निर्यात पिछले तीन साल में क्रमश 2.5 और 2.8 गुना बढ़ा। 1980 के मध्य से सीमा पार बिजली का व्यापार शुरू हुआ। उस समय से भारत भूटान से बिजली का आयात कर रहा है। वहीं नेपाल को बिहार और उत्तर प्रदेश से 33 केवी और 132 केवी का निर्यात करता रहा है। औसतन भूटान से 500 से 550 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई हो रही है। भूटान भारत को लगभग 500- 550 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई कर रहा है। वहीं, भारत 12 क्रॉस बोर्डर इंटरकनेक्शन (11 केवी, 33 केवी और 132 केवी) के माध्यम से 190 मेगावॉट बिजली का निर्यात कर रहा है। नेपाल में बिजली का निर्यात करीब 145 मेगावाट से बढ़ाया गया है। वर्तमान में, लगभग 600 मेगावॉट बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जा रही है।

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