प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सेंट पीट्सबर्ग में मुलाकात के बाद कहा कि- भारत और रूस के रिश्ते में कभी उतार-चढ़ाव नहीं आए. दोनों देशों द्वारा 5 बड़े मुद्दों पर संयुक्त हस्ताक्षर करने के बाद मोदी और पुतिन ने साझा घोषणा पत्र जारी किया.
इस अवसर पर पुतिन ने कहा कि भारत का दुश्मन हमारा दुश्मन है. रूस, भारत के सभी हितों का सम्मान करता है. भारत एक सप्ताह में शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) का पूर्णरूपेण सदस्य बन जाएगा.
साक्षा घोषणापत्र जारी करते हुए मोदी ने कहा कि रूस के साथ भारत का रिश्ता आदर का है और आगे भी रहेगा. आर्थिक संबंधों में तीव्र प्रगति देना भारत और रूस का साझा उद्देश्य है. रूस और भारत दोनों सभी के लिए खुशी और फायदे में यकीन करते हैं. दोनों देशों और यहां के लोगं के बीच दोस्ती और विश्वास का खास रिश्ता है. सामान्य तौर पर अंतरराष्ट्रीय संबंध ऊपर नीचे होते रहते हैं. हमने हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव देखा, लेकिन भारत और रूस के रिश्तों में कभी उतार-चढ़ाव नहीं आया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने आज आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर तथा उर्जा और व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक बातचीत की. मुलाकात की शुरूआत में मोदी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के रूप में पुतिन के गृहनगर आकर खुश हैं. ज्ञात है कि पहली बार रूस में भारत-रूस शिखरवार्ता मॉस्को से बाहर सेंट पीटर्सबर्ग में हो रही है.

मोदी ने पुतिन के साथ बातचीत में सुबह द्वितीय विश्व युद्ध के शहीदों के स्मारक के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि आप ऐसे नेता हैं जिसके परिवार ने बलिदान दिया. पुतिन के भाई 70 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध में लेनिनग्राड हमले में मारे गए थे. पुतिन ने युद्ध स्मारक जाने के लिए मोदी का आभार जताया और कहा कि रूस की जनता के दिल में ऐसी जगहों के लिए खास महत्व है.
दोनों पक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रेलवे, सांस्कृतिक आदान-प्रदान समेत कई क्षेत्रों में और निजी पक्षों के बीच भी अन्य कारोबारी क्षेत्रों में 12 समझौतों पर दस्तखत कर सकते हैं. वे एक ‘विजन डॉक्यूमेंट’ भी जारी करेंगे. वे कुडनकुलम में भारत के सबसे बड़े परमाणु उर्जा संयंत्र की अंतिम दो इकाइयों के निर्माण के लिए करार भी कर सकते हैं.
इस विजिट में अभी कई और करार होने हैं, सबसे अहम करार है तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लान्ट की अंतिम दो यूनिट बनाने के लिए रूसी मदद. भारतीय ऑफिशियल्स के अनुसार कुडनकुलम प्लान्ट की यूनिट 5 और 6 को भारत के न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और रूसी कंपनी एटमस्ट्रॉयएक्सपोर्ट (ASE) द्वारा बनाया जाना है.

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