भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में ट्रेनिंग लेने वाले 67 विदेशियों सहित 490 जांबाज कैडेट आज पास आउट हो गए। पासिंग आउट परेड में अंतिम कदम पार करते ही 423 जांबाज अफसर भारतीय सेना का मुख्य अंग बन गए।
इस दौरान ट्रेनिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित भी किया गया। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि सैन्य पुलिस में अब महिलाओं की भर्ती शुरू की जाएगी। जनरल रावत ने कहा कि हमें सैन्य टुकड़ी में महिलाओं की जरूरत है, क्योंकि हम लोग कई बार जब ऑपरेशन में जाते हैं, तो वहां कई बार महिलाएं हमारे आगे आ जाती हैं।

उन्होंने कहा कि हम पहले महिलाओं को मिलिट्री पुलिस में भर्ती शुरू करेंगे और महिला सैनिक यदि वहां सफल साबित होती हैं, तब अगले कदम पर विचार किया जाएगा। सैन्य पुलिस कैंटोनमेंट और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में काम करती है। युद्ध और शांति के समय सैनिकों के आवागमन में मदद करने के अलावा उन पर युद्धबंदियों की भी जिम्मेदारी होती है और जरूरत पड़ने पर वे सिविल पुलिस की मदद भी करती हैं।
मौजूदा वक्त में महिलाओं की नियुक्ति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों जैसे मेडिकल, लीगल, शिक्षा, सिग्नल और इंजीनियरिंग विंग में काम कर रही हैं। ऑपरेशनल चुनौतियों और लॉजिस्टिकल इश्यूज के चलते महिलाओं को अब तक लड़ाकू भूमिकाओं में नहीं रखा गया है। सेना प्रमुख ने अब कहा कि वह महिलाओं की नियुक्ति के लिए तैयार हैं और इस पर सरकार के साथ बातचीत चल रही है।
पासआउट होने वाले कैडेटों सबसे ज्यादा यूपी के, दूसरे नंबर पर हरियाणा और तीसरे नंबर पर उत्तराखंड के कैडेट हैं। आईएमए परेड को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और आईएमए इलाके में रूट डायवर्ट किया गया है। पुलिस और सेना के जवान चप्पे चप्पे पर तैनात हैं।

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