तिलका मांझी यूनिवर्सिटी भागलपुर, बिहार में पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र हिंदी का पेपर इसलिए नहीं दे पाए, क्योंकि यूनिवर्सिटी यह पेपर छपवाना ही भूल गया थाl इस यूनिवर्सिटी में सेकंड सेमेस्टर के पेपर चल रहे थे, जिसमें आखरी पेपर हिंदी का थाl छात्र परीक्षा देने आए पर पेपर ही नहीं आया था और इन्हें वापस बगैर परीक्षा दिए जाना पड़ाl इसकी जानकारी मिलने पर यूनिवर्सिटी के Vice-Chancellor ने हिंदी के विभागाध्यक्ष और परीक्षा नियंत्रक को नोटिस भेजा हैl जानकारी के अनुसार परीक्षा नियंत्रक को पेपर छपवाने के लिए ही नहीं मिला थाl उधर हिंदी के विभागाध्यक्ष का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि कितने बच्चों ने Preference के तौर पर हिंदी ली हैl Choice Based Credit System (CBCS) को बिहार में लागू करने के बाद से स्टूडेंट्स के पास ऑप्शन होता है कि वो चौथे पेपर के लिए कौन सा विषय लेंगेl अब यह परीक्षा 25 अप्रैल को होगीl बिहार में शिक्षा का स्तर दिन-ब-दिन गिरता जा रहा हैl पिछले ही साल बिहार के टॉपर्स की पोल खुली थी, जो बिना कुछ जाने ही फ़र्स्ट आ गए थे, 2015 में 12वीं की परीक्षाओं में हुई चीटिंग की तस्वीरें आज भी ज़हन से विलुप्त नहीं होतींl इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षाएं एक माह पूर्व ही ले ली हैं पर आजतक उनका मुल्यांकन नहीं हो पाया हैl
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