संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों ने पुलवामा आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसको घृणित और कायराना हरकत बताया. भारत के प्रस्ताव पर UNSC के पांचो स्थाई सदस्यों और दसों अस्थाई सदस्यों ने इस फिदायीन हमले की निंदा की. इसमें चीन भी शामिल रहा, हाँलाकि बाद में एक बयान जारी कर चीन ने इसे ज्यादा महत्व देने योग्य नहीं बताया.
सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने जवानों के पीड़ित परिवारों, घायल लोगों और भारत सरकार के प्रति गहरी सहानुभूति और सांत्वना जाहिर करते हुए हमले में जख्मी जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. सभी देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवाद किसी रूप में हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता क्योंकि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है.
सुरक्षा परिषद ने बल दिया कि आतंकवाद के साजिशकर्ताओं, आयोजकों और फंड देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसे कारनामों के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करने की जरूरत बताते हुए सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून और सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों के तहत एक दूसरे की मदद कर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा. कोई भी आतंकी कार्रवाई आपराधिक और अनुचित है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसके पीछे मंशा क्या थी या किसने, कब और कहां इसे अंजाम दिया. सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित कानूनों के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार कानून, अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों को ध्यान में रखते हुए दुनिया के अमन-चैन के खिलाफ काम करने वाली आतंकी शक्तियों पर लगाम लगानी चाहिए.
उधर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रवक्ता रुपर्ट कोल्विले ने जिनेवा में कहा कि पुलवामा में CRPF पर हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हुए हमले के जिम्मेदार लोगों को इंसाफ के कठघरे में लाने की अपील की गयी है. हम उम्मीद करते हैं कि दो परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्र की असुरक्षा को और नहीं बढ़ाएगा.
इसके बाद चीन ने पुलवामा आतंकी हमले में जैश ए मोहम्मद को नामजद करते हुए जारी बयान को तवज्जो नहीं देने की कोशिश करते हुए कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन का जिक्र सिर्फ सामान्य संदर्भ में है और यह किसी फैसले को प्रदर्शित नहीं करता. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि उनका देश आतंकी घटना से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए है. गेंग ने कहा कि चीन आशा करता है कि क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए पाकिस्तान और भारत वार्ता करेंगे. ज्ञात है कि चीन संयुक्त राष्ट्र की आतंक रोधी कमेटी में JEM प्रमुख मसूद अजहर पर एक वैश्विक प्रतिबंध लगाने के लिए भारत सहित कई अन्य देशों की कोशिश में लगातार अड़ंगा डालता रहा है.


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