ईशा योग फाउंडेशन द्वारा तमिलनाडु के कोयंबटूर में आदियोगी शिव की 112 फुट की आवक्ष प्रतिमा को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बड़ी आवक्ष प्रतिमा के रूप में दर्ज किया है। गिनीज ने अपनी वेबसाइट पर इसकी घोषणा की है। पीएम मोदी ने 24 फरवरी को ईशा योग फाउंडेशन की शिव प्रतिमा का उद्घाटन किया था। भगवान शिव की यह प्रतिमा 112.4 फीट उंची, 24.99 मीटर चौड़ी और 147 फुट लंबी है।

यह प्रतिमा मुक्ति का प्रतीक है। यह उन 112 मार्गों को दर्शाता है जिनसे इंसान योग विज्ञान के जरिए अपनी परम प्रकृति को प्राप्त कर सकता है। भगवान शिव के चेहरे के डिजाइन को तैयार करने में ढाई साल लगे। ईशा फाउंडेशन की टीम ने इसे 8 महीने में पूरा किया। इस प्रतिमा को स्टील से बनाया गया है। धातु के टुकड़ों को जोड़कर इसे तैयार किया गया है। भगवान शिव प्रतिमा का वजन 500 टन है।
शिव की सवारी नंदी बैल को भी बड़े खास तरीके से तैयार किया गया है। धातु के 6 से 9 इंच बड़े टुकड़ों को जोड़कर नंदी का ऊपरी हिस्सा तैयार किया गया है। इसके अंदर तिल के बीज, हल्दी, पवित्र भस्म, विभूति, कुछ खास तरह के तेल, थोड़ी रेत, कुछ अलग तरह की मिट्टी भरी गई है। प्रतिमा के अंदर 20 टन सामग्री भरी गई है। फिर उसे सील कर दिया गया। कहा जाता है कि भगवान शिव की इस प्रतिमा को देखने के लिए हर रोज हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं। रात में जब नीली रौशनी में यह प्रतिमा नहाती है तो इसकी खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं।

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