अगर आज से कोई भी दुकानदार नाबालिगों को सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचता है तो उसे सात साल तक जेल और एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगेगा।  संसद ने पिछले महीने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 को पास किया था, उसमें यह प्रावधान दिए गए हैं। ये प्रावधान शुक्रवार से लागू होने को तैयार हैं।

इस कानून में ही जघन्यतम अपराधों में शामिल 16 से 18 वर्ष के नाबालिग को एक बालिग माना जाएगा और उसे सात साल तक जेल हो सकती है।  सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के गलत प्रभाव से नाबालिगों को बचाने के लिए सरकार ने पहली बार नाबालिग बच्चों को ऐसे उत्पाद बेचने को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा है। पुराने जुवेनाइल एक्‍ट में नाबालिग को शराब और ड्रग्स बेचने को गंभीर अपराध था।

 

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