70 साल के विनोद खन्ना का गुरुवार को निधन हो गया. पिछले कुछ दिनों से वे कैंसर से जूझ रहे थे. पिछले दिनों उनकी एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें वे काफी अस्वस्थ्य दिख रहे थे.

जब विनोद खन्ना अस्पताल में थे, जब उनके बेटे राहुल खन्ना ने बताया था कि डैड बिल्कुल स्वस्थ हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी. विनोद खन्ना ने 1971 में सोलो लीड रोल में फिल्म ‘हम तुम और वो’ में काम किया था. विनोद खन्ना ने राजनीति में भी सफल पारी खेली. फिलहाल वह पंजाब की गुरदासपुर सीट से बीजेपी के सांसद रहे हैं. एक वक्त में वे बीजेपी के स्टार प्रचारक थे.
विनोद खन्ना ने ‘मेरे अपने’, ‘कुर्बानी’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रेशमा और शेरा’, ‘हाथ की सफाई’, ‘हेरा फेरी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी कई शानदार फिल्में की हैं. विनोद खन्ना का नाम ऐसे एक्टर्स में शुमार था जिन्होंने शुरुआत तो विलेन के किरदार से की थी लेकिन बाद में हीरो बन गए. विनोद खन्ना ने 1971 में सोलो लीड रोल में फिल्म ‘हम तुम और वो’ में काम किया था.

विनोद खन्ना का जन्म 7 अक्टूबर, 1946 में पेशावर, पाकिस्तान में हुआ था.  इनके पिता किशनचन्द्र खन्ना बिजनेसमैनऔर माता कमला खन्ना एक हाउसवाइफ थीं. विभाजन के बाद इनका परिवार पेशावर में जमा जमाया टेक्सटाइल्स का अपना कारोबार छोड़करमुंबई आकर बस गया था. विनोद खन्ना की शुरुआती पढ़ाई लिखाई मुंबई के सेंट मैरी और सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में हुई. देवलाली के बार्न्स स्कूल के ह़ॉस्टल में 12वीं क्लास तक रहे. एक्टिंग का शौक उन्हें मुगल-ए-आजम और सोलवां साल जैसी फिल्में देखने के बाद लगा.
विनोद खन्ना अपनी पहली फिल्म की नाकामी के बाद भी नोटिस किए गए. ऊंची कद-काठी और मोहक अंदाज ने निर्माताओं का ध्यान खींचा. उस दौर में राजेश खन्ना जैसे स्टार के बाद अगर सबसे ज्यादा फैन फॉलोइंग विनोद खन्ना थे. लोकप्रियता की वजह से ही मनमोहन देसाई जैसे फिल्म डायरेक्टर ने उन्हें अमिताभ जैसे स्टार के सामने खड़ा करने का हौसला किया. ये 1974-75 का वो दौर था जब अमिताभ के आगे सबका सितारा धूमिल पड़ चुका था.

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