जी मीडिया ने अपने खिलाफ झूठे आरोप लगाने और अपमानि‍त करने के लिए कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को एक हजार करोड़ रुपए मानहानि का नोटिस भेजा है.
जी मीडिया ने नोटिस में कहा है कि यदि सिद्धू इसके लिए माफी नहीं मांगते हैं तो इस मामले में न्‍याय के लिए सभी कानूनी विकल्‍प खुले हैं. राजस्‍थान के अलवर जिले में नवजोत सिंह सिद्धू की हुई चुनावी रैली में ”पाकिस्‍तान जिंदाबाद” के नारे लगाने का खुलासा जी न्‍यूज ने सबसे पहले किया था. इस खबर के सामने आने पर सिद्धू ने जी न्‍यूज पर ही झूठे आरोप जड़ दिए.
जी न्यूज ने चुनाव आयोग में इस मामले में पंजाब सरकार के मंत्री सिद्धू और अन्य कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी. जी न्यूज का आरोप था कि कांग्रेसी नेताओं ने राष्ट्रविरोधी तत्वों को पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने की अनुमति देकर आचार संहिता का उल्लंघन किया. जी न्यूज़ ने इस घटना पर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के खिलाफ व्यापक जांच करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी.
कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह VIDEO छेड़छाड़ करके बनाया गया है. सोशल मीडिया पर भी ”पाकिस्‍तान जिंदाबाद” के नारे लगाने को लेकर आपत्ति जताई गई थी. उधर सिद्धू ने ज़ी न्यूज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी तक दे डाली थी. साथ ही कांग्रेस के नेताओं ने देश-विरोधी नारों वाले हिस्से को हटाकर अपनी सुविधानुसार VIDEO ट्वीट कि‍ए थे. ट्विटर पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने दावा किया था कि सिद्धू की रैली में ‘सत श्री अकाल’ का नारा लगाया गया था.
इस दावे को जी न्यूज के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी ने चुनौती देते हुए कांग्रेस के दावे की पोल खोल दी और साबित कर दिया कि कांग्रेस ने एडिट किया हुआ VIDEO पोस्ट किया है, जबकि असली VIDEO में पाकिस्तान जिंदाबाद नारे ही लगाए गए थे. उधर कांग्रेस के नेताओं ने जी न्‍यूज पर ‘फेक वीडियो’ प्रसारित करने का आरोप लगा दिया.


सुधीर चौधरी ने जी न्यूज पर दिखाए गये वीडियो को शत- प्रतिशत सही बताते हुए कहा है कि इसके सत्‍यता को साबित करने के लिए हमारे पास इस तरह के सात फीड हैं जो उस समय लाइव रिकार्ड की गई थी और हर फीड में उसी समय पर वही नारे सुनाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि आजकल यह फैशन हो गया है कि जब भी कोई कांग्रेसी नेता ऐसी किसी परिस्थिति में पकड़ा जाता है तो पूरी पार्टी उसके बचाव में वीडियो को ही फर्जी करार दे देती है.
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है और उसका हरदम दावा रहता है कि पार्टी अभिव्‍यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्‍यों में विश्‍वास करती है लेकिन जब उसके प्रमुख नेता अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल करते हैं तो यह स्‍पष्‍ट रूप से उनकी पार्टी लाइन की तरफ नहीं झुकने वाले मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास मात्र है. साथ ही यह दर्शाता है कि कांग्रेस और उसके नेताओं का अहंकार सातवें आसमान पर है.
चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस जैसे बड़े दल में सिद्धू जैसे नेता अकेले काम नहीं कर सकते. मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह नहीं चाहते थे कि सिद्धू पाकिस्‍तान जायें, पर वे गये और पाकिस्‍तान से लौटने के बाद बेहद स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि उनके कैप्‍टन अमरिंदर नहीं बल्कि राहुल गांधी हैं.
चौधरी ने कहा कि जी न्‍यूज ने लगातार देश के लोकतांत्रिक मूल्‍यों का सम्‍मान किया है, हमें देश के कानून पर भरोसा है. कांग्रेस ने जो रुख अपनाया है उसके खिलाफ हम लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं. हम न्‍याय के लिए लीगल फ्रेमवर्क के भीतर उपलब्‍ध सभी विकल्‍पों पर विचार कर रहे हैं. हमने न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स एसोसिएशंस, और एडीटर्स गिल्‍ड ऑफ इंडिया को भी शिकायत भेजी है. जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे. हमें उम्‍मीद है कि मीडिया हमारे अभियान का समर्थन करेगा, क्योंकि यह केवल हमारी लड़ाई नहीं है बल्कि संपूर्ण मीडिया के लिए संघर्ष है.



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