नक्सलियों का उन्मूलन नक्सलवाद का समाधान नहीं है, इसके लिए विकास में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना ही होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद में शामिल लोग हमारे समाज और देश के ही अंश हैं। वामपंथी उग्रवाद का सामना करने के लिए बिहार सरकार ने बहुमुखी रणनीति बनाई है, उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ना होगा। सोमवार को नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई हाई लेवल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा स्पष्ट रूप से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ़ है। दीर्घकालीन आर्थिक-सामाजिक विकास और सुदृढ़ आंतरिक सुरक्षा के लिए देश में व्याप्त अनेकता और विविधता की जीवन्त संस्कृति को लगातार संजोने की आवश्यकता है। केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग, सकारात्मक और भरोसेमन्द कार्यशैली समय की मांग है। तभी हम आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बन रहे वामपंथी हिसा की समस्याओं का सामना करने में सक्षम हो पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लंबे समय से उग्रवाद से प्रभावित रहा है। राज्य सरकार की पहल को काफी सफलता मिली है। उग्रवादी तत्व हत्याओं, निजी और सार्वजनिक संपत्तियों की क्षति, दबाव, डर और सुरक्षा बलों पर हमले आदि के माध्यम से आतंक फैलाने का प्रयास करते हैं। वामपंथी उग्रवाद की हर घटना इस बात का प्रमाण है कि इस संगठन का उद्देश्य गरीबों की भलाई नहीं बल्कि अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और हिंसात्मक तरीकों का प्रयोग कर गरीबों को उनके वाजिब हक, क्षेत्र का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, संचार के आधुनिक माध्यमों से दूर रखना है। फिर इन्हीं कमियों की दुहाई देकर आम जनता को सरकार के विरुद्ध दुष्प्रेरित करना है, जिससे हिंसा और क्षेत्र की दुर्दशा का दुष्चक्र बन जाता है। देश के जिन भागों में वामपंथी उग्रवादी तत्वों ने अपने पैर फैलाए हैं, उनसे यह भी पता चलता है कि नक्सलवाद का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध उत्तम प्राकृतिक संपदा और उससे होने वाली आय पर प्रभुत्व स्थापित करना है, ना कि उस क्षेत्र की आम जनता का सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक असमानता, विकास में क्षेत्रीय असंतुलन तथा अनेक स्तरों पर भ्रष्टाचार वंचित लोगों और क्षेत्रों में असंतोष का मुख्य कारण है। इसी असंतोष और असंतुलन का फायदा उठाने में उग्रवादी संगठन सफल रहे है। रणनीति बनाते समय हमें इन सब बातों पर उचित ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति का केन्द्र बिन्दु क्षेत्र और समाज का विकास होना चाहिए जिससे दीर्घगामी उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सुरक्षा बलों की कार्यवाही और अभियानों का उपयोग, शासन को अपनी पहुंच बढ़ाने, वामपंथी उग्रवादी संगठनों के नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता को निष्प्रभावी करने के लिए किया जाना होगा।
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