शराबबंदी की तरह ही दहेजबंदी के खिलाफ भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सशक्त कानून बनाए जाने की बात कही है।
अपने नालंदा के गृह प्रखंड हरनौत के मोबारकपुर गांव में आयोजित युवा किसान जदयू के एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर से दहेज और बाल विवाह के खिलाफ पूरे बिहार में महाभियान छेड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान पार्टी स्तर, सरकार के स्तर पर और सामाजिक स्तर पर भी चलेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शराबबंदी के लिए सख्त कानून बनाकर इसे सफल बनाया गया है उसी तरह दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ भी सख्त से सख्त कानून बनाने और इस पर सख्ती से अमल करने का काम सरकार करेगी।

उन्होंने कहा कि मैट्रिक फेल हो या डॉक्टर या इंजीनियर या समाज का कोई भी वर्ग दहेज लिए तो सीधे जेल की हवा खानी होगी। अभीतो चेतावनी मिल रही है। 2 अक्टूबर से एक्शन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस दिन महात्मा गांधी जयंती है और बापू भी दहेज बाल विवाह के विरोधी थे।
इस कारण उनकी जयंती पर से यह अभियान शुरू किया जा रहा है। बाल विवाह को भी उन्होंने सामाजिक कुरीति बताया और कहा कि वैज्ञानिक रूप से भी यह गलत है।

कम उम्र में शादी होने से लड़कियों का स्वास्थ्य तो प्रभावित होता ही है आने वाली पीढ़ी भी कुपोषण की शिकार हो रही। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि बिहार में बाल विवाह के कारण ही छोटे कद के बच्चे हो रहे हैं।
उन्होंने जीविका, आशा, आंगनबाड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सामाजिक महिला कार्यकर्ताओं से बाल विवाह के खिलाफ आगे आने की अपील की और कहा कि जिस तरह से नशाखोरी के खिलाफ आपने अभियान बनाया उसी तरह से इसके खिलाफ भी अभियान चलाएं।

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