अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में दो माह के भीतर मरीजों को कई नई सुविधाएं मिलने लगेंगी. वैसे संस्थान ज्यादा से ज्यादा विभागों को चालू करते हुए नित नई ऊंचाइयां प्राप्त करता जा रहा है. संस्थान अब स्वयं का पैथोलॉजिकल लैब भी चला रहा है, जिससे कि मरीजों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण जांच की सुविधा मिलने लगी. यहाँ केवल तीस रुपये में एक बार निबंधन कराने के बाद साल भर तक इलाज भी किया जाता है. एम्स के मरीजों को दवा खरीदने के लिए भी भटकना नहीं पड़ेगा.
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह के अनुसार मरीज बाजार से दवाएं MRP पर खरीदते हैं, उससे काफी कम कीमत पर फरवरी के अंत तक यहीं दवाएं उपलब्ध होंगी. यही नहीं भर्ती मरीजों को आवश्यकतानुसार दवा या चिकित्सकीय सामग्री अस्पताल से ही मिल जाएगी और बाद में मरीज या उसके परिजन के मोबाईल पर खर्च का मैसेज भेजकर बिल जमा करवाया जायेगा. इस सुविधा के बाद मरीज के साथ हर वक्त परिजन के रहने की भी जरूरत नहीं होगी. भर्ती होने के समय दो हजार रुपए ही जमा करने होंगे और इलाज के दौरान होने वाले खर्च के लिए पैसा जमा कराते रहना होगा. जमा पैसों के आलोक में बिल और खर्च का मैसेज लगातार मिलता रहेगा.
एम्स पटना अब स्वयं का पैथोलॉजिकल जांच लैब चला रहा है, जिससे कि मरीजों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण जांच की सुविधा मिलने लगी है. एम्स, पटना में जांच दर अन्य अस्पतालों की तुलना में एक-चौथाई तक कम है. नाक, चेहरे, माथा जैसे अंगों का सीटी स्कैन यहां केवल 200 रुपये में होता है, जबकि अन्य संस्थानों में इसके लिए दो हजार रुपये लगते हैं. ECG के लिए यहां कोई शुल्क नहीं लगता. इसके OPD में हर दिन लगभग दो हजार मरीज पहुंचते हैं. जनरल वार्ड में 668 बेड के अलावे ICU में 42 और HDU में 18 बेड हैं. चिकित्सा के लिए यहां 128 फैकल्टी, 265 सीनियर रेजिडेंट और 103 जूनियर रेजिडेंट कार्यरत हैं. जबकि जल्द ही फैकल्टी के 190 रिक्त पदों पर बहाली प्रक्रिया आरंभ होने जा रही है. निदेशक डॉ. सिंह के अनुसार फरवरी से करीब एक हजार बेड की सुविधा हो जाएगी.

यहाँ के जांच दर अन्य स्थानों से काफी कम हैं जैसे- टिश्यू कल्चर- 100 रूपये, यूरीन कल्चर- 100, स्टूलकल्चर- 100, सीमेन कल्चर- 100, बोन मैरो बॉयोप्सी- 500, ईएसआर- 30, हीमोग्लोबिन- 50, प्लेटलेट्स- 80, ब्लड ग्रुपिंग- 30, पैप स्मीयर- 75, एफएनएसी- 150, स्मॉल बॉयोप्सी- 200, सीरम सोडियम- 25, सीरम पोटैशियम- 25, लिपिड प्रोफाइल- 125, एसजीपीटी- 25, एसजीओटी- 25, एलएफटी- 175, केएफटी- 200, वीडाल- 30, ब्लड कल्चर- 150, रैपिड किट डेंगू- 100, रैपिड किट एचबीएस- 50, एक्स-रे प्रति शूट- 30, एक्स-रे प्रति फिल्म-100, सेकेंड इको- 300, कलर डॉप्लर- 300, अल्ट्रासांउड रुटीन- 200, मैमोग्राफी- 300, इको-300, सीटी स्कैन माथा, नाक, टेंपोरल बोन, पीएनएस, चेहरा- 200, सीटी स्कैन बॉडी का एक पार्ट- 750, सीटी एंजियोग्राफी- 1000, एमआरआइ फिल्म- 500 तथा एमआरआइ- 3000 रूपये में होता है.
अस्पताल के डी एवं सी ब्लॉक का कार्य 95%, जबकि ए एवं बी ब्लॉक का कार्य लगभग 80% हो चुका है. OPD बिल्डिंग का कार्य करीब 90% और मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम का कार्य 70% पूरा हो चुका है. ट्रॉमा का कार्य शत प्रतिशत पूरा हो चुका है जबकि ऑडिटोरियम का कार्य 20% शेष बचा है. मॉड्यूलर ओटी का कार्य भी 50% पूरा हो चुका है.
यहाँ अभी एनेस्थेसिया, एनाटॉमी, बायोकेमेस्ट्री, प्लास्टिक सर्जरी, पीएमआर, स्किन, एफएमटी, गैस्ट्रोलॉजी, सर्जिकल, जेनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति, ऑर्थोपेडिक्स, शिशु विभाग, ईएनटी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियो डायग्नोसिस, रेडियोथेरेपी, एनेस्थेसियोलॉजी, साइकिएट्री, नियोनेटोलॉजी, दंत रोग, कॉर्डियो थोरासिस, न्यूरो सर्जरी, शिशु सर्जरी, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी, पल्मोनरी मेडिसिन, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, कॉर्डियोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी का इलाज होता है. कई गंभीर व जटिल ऑपरेशन भी हो रहे हैं तथा मरीजों को अन्य सुविधा उपलब्ध करने की दिशा में भी तेजी से कार्य चल रहे हैं.



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