पत्नी की प्रताड़ना से पीड़ित पतियों के संगठन ‘हृदय’ ने मांग की है कि तीन तलाक को सभी धर्मों में समान रूप से लागू किया जाय ताकि लोग अपनी मर्जी से तलाक ले-दे सकें।
कोलकाता के इस संगठन ‘हृदय’ से जुड़े लोगों ने अपनी मांग के समर्थन में ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सत्याग्रह किया। इसके पूर्व इस संगठन के सदस्यों ने मध्य कोलकाता के रानी रशमोनी रोड पर सत्याग्रह किया था। पश्चिम बंगाल में इस संगठन के 5000 से ज्यादा सदस्य हैं, इनमें से 20 फीसदी मुस्लिम हैं। तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में 11 मई को सुनवाई होनी है। इस बीच दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों से तीन तलाक का समर्थन या विरोध कर रहे हैं और उसी बीच यह मांग आयी है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के फैसलों से सहमति व्यक्त करते हुए इस संगठन ने तीन तलाक को समाज के लिए जरूरी बताया। संगठन ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि तीन तलाक की वजह से समाज में सौहार्द्र कायम है। इसकी वजह से आसानी से दो लोग जिंदगी के रास्ते तय कर सकते हैं। यह दो लोगों की जिंदगी के बीच आई कड़वाहट को दूर करने का सरल और सुगम रास्ता है।
ज्ञात है कि पिछले कुछ महीनों से देश में तीन तलाक के मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सन लॉ बोर्ड इसे जायज बता रहा है तो ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसे गैरकानूनी बता रहा है। इसी के मद्देनजर पिछले दिनों लखनऊ के नदवा कॉलेज में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दो दिवसीय मैराथन बैठक हुई थी। हालांकि इस बैठक में तीन तलाक मामले पर कोई ठोस निर्णय नहीं निकल पाया लेकिन तीन तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

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