नर्मदा सेवा यात्रा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस मां नर्मदा ने हमें बचाया है उसे बचाने की जिम्मेदारी अब हम सबकी है. आज देश में कई नदियां सिर्फ नक्शे में बची हैं, इसलिए जरूरी है कि नदी संरक्षण को पुण्य काम के तौर पर अपनाकर नर्मदा को बचाया जाए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने मां नर्मदा की नहीं, हमेशा अपनी परवाह की. जबकि कहते हैं, नर्मदा की परिक्रमा से अहंकार चूर-चूर हो जाता है. मां नर्मदा एक-एक पौधे के प्रताप से प्रकट होती है. गुजरात, राजस्थान तो नर्मदा के एक-एक बूंद की अहमियत जानता है.
मध्यप्रदेश को स्वच्छता अभियान में मिली जबरदस्त सफलता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 100 सबसे साफ शहरों में 22 शहर मध्यप्रदेश से हैं. ये काम जनभागीदारी और सरकार के बीच आपसी सामंजस्य से ही संभव है. मध्यप्रदेश के लोगों ने साफ-सफाई को अपना काम माना इसलिए इतनी बड़ी सफलता मिली. सफाई में सफलता सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं मिल सकती है.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय प्रवास पर विशेष विमान से नई दिल्ली से दोपहर 12.25 बजे जबलपुर के डुमना विमानतल पहुंचे जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी अगवानी की. प्रधानमंत्री जबलपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होकर अनूपपुर जिले के अमरकंटक पहुंचे और दोपहर दो बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और नर्मदा की पूजा-अर्चना करने के बाद ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में पहुंचे थे.
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अमरकंटक में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात थे. नर्मदा सेवा यात्रा 11 दिसंबर, 2016 को उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू हुई थी. यात्रा 148 दिन में लगभग 3500 किलोमीटर का रास्ता तय करके वापस अमरकंटक पहुंची है. ताज़ा अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लाइक करें

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