कर्नाटक में राजनीतिक संकट हर दिन नए मोड़ ले रहा है और लगता है अभी यह लम्बा खिंचेगा. कर्नाटक में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच बंगलूरू के एक रिजॉर्ट में ठहरे कांग्रेसी विधायकों में आपसी मारपीट हो गयी है. एक विधायक आनंद सिंह को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.
कांग्रेस ने इन खबरों को खारिज किया है लेकिन रविवार को उसके कई नेता अपोलो अस्पताल गये. कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने विधायकों के बीच हाथापाई का खंडन किया है, जबकि उनके भाई डीके सुरेश अस्पताल में दिखे हैं. बताया जाता है कि जेएन गणेशन ने आनंद सिंह के सिर पर बोतल से मारा. विधायक आनंद सिंह और जेएन गणेश के बीच लड़ाई पर मंत्री ने कहा कि उनके बीच कोई लड़ाई नहीं है. सबने देखा कि वह सभी साथ आए और साथ गए, यह फर्जी खबर है. पूरी कांग्रेस पार्टी एकजुट है. मुझे पूरा विश्वास है कि जो CLP बैठक में नहीं पहुंचे वह भी कांग्रेस में ही हैं.
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कांग्रेस विधायक आनंद सिंह और जेएन गणेश की लड़ाई के मामले में कहा कि मैंने केवल यह मीडिया के जरिए देखी है. कल मैं स्वयं रात के आठ बजे तक वहां था. मुझे नहीं पता कि वहाँ क्या हुआ.
डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने अस्पताल जाने पर कहा कि मुझे लड़ाई के बारे में कुछ पता नहीं है. सीने में दर्द होने की वजह से आनंद सिंह अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें कोई चोट या कुछ और नहीं हुआ है. उनके माता-पिता भी अस्पताल में हैं, बाकी चीजें केवल अटकलें हैं.
कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस में चल रहे आपसी द्वंद पर तंज कसते हुए ट्विटर पर लिखा- “हम आपको और क्या सबूत दिखाएं कि कांग्रेस के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. ईगलटन रिसॉर्ट में ठहरे कांग्रेस विधायकों के बीच मारपीट हुई और एक विधायक अस्पताल में भर्ती है. कांग्रेस कब तक अपने मतभेदों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराती रहेगी, जब राजनीतिक पार्टी पंगु होती है तो उसे दोष भी अच्छे लगते हैं’.
कर्नाटक भाजपा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ईगलटन रिसॉर्ट में हुई लड़ाई को रोकने में असमर्थ रहे. हम उम्मीद करते हैं कि आनंद सिंह का इलाज किया जा रहा है और हम उनके जल्द ठीक होने की दुआ करते हैं. दुर्भाग्यवश दिनेश गुंडूराव अब भाजपा को दोष नहीं दे सकते हैं. उनकी निगरानी में विधायकों को रिसॉर्ट में बंद किया गया था, अब आपका क्या बहाना है?’
भाजपा विधायक आर अशोक ने कहा कि डीके शिवकुमार और डीके सुरेश लोगों को झूठ बोलकर भ्रमित कर रहे हैं. अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों को बाहर आना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या आनंद सिंह सीने में दर्द की वजह से या फिर किसी और चीज के लिए भर्ती हैं. पुलिस को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर इसकी जांच करनी चाहिए.
शुक्रवार को कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक बुलाई गयी थी, जिसमें चार नाराज कांग्रेसी विधायक (विधायक रमेश जारकिहोली, महेश कुमातल्ली, उमेश जाधव और बी नागेंद्र) बैठक में शामिल नहीं हुए थे. जबकि बै‍ठक से पहले कांग्रेस विधायकों को जारी नोटिस में CLP नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि विधायकों की गैरमौजूदगी को गंभीरता से लिया जाएगा और दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उधर पार्टी में चल रहे संकट के बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री डीके शिवकुमार ने यहाँ तक कहा है कि पार्टी के हित में उनके सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गठबंधन सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देने तक को तैयार हैं.
BJP बागी कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे का इंतजार कर रही है और इस बीच भाजपा ने कर्नाटक के अपने पार्टी विधायकों में टूट-फूट रोकने के लिए हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक रिजॉर्ट में 14 जनवरी को शिफ्ट किया था. जिन्हें कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग तक यहीं रुकने के लिए कहा गया था.



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