बिहार विधानसभा में कनीय लिपिक पद पर ज्वाइन करने आयी झारखंड के रामगढ़ जिले की महिला जूली कुमारी का कॉल लेटर फर्जी निकलने के बाद बिहार विधानसभा के उपनिदेशक संजय कुमार सिंह ने सचिवालय थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों व पुलिस ने महिला के पति से इस संबंध में फोन पर संपर्क किया, लेकिन उसके पति ने इस तरह की किसी जानकारी से इन्कार किया. जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला थानांतर्गत डीवीसी चौक पर मौजूद अग्रवाल मेडिकल के मालिक आलोक अग्रवाल की पत्नी जूली कुमारी कॉल लेटर लेकर पटना बिहार विधानसभा के सचिवालय में आयी, जो फर्जी निकला. कॉल लेटर में लिखा गया था कि विज्ञापन संख्या- 02/2018 कनीय लिपिक के पद पर जुली कुमारी की नियुक्ति कर लिया गया है.
कॉल लेटर में लिखा था कि लिखित परीक्षा, टंकण जांच, मूल प्रमाणपत्रों के सात्यापन के बाद सचिवालय कोटा अंतर्गत एसबी 4 (बी) में नियुक्ति हुई है. लेटर में यह भी लिखा हुआ है कि पहले सुरक्षित राशि 38 हजार 500 रुपये जमा करने के बाद 27 मई 2019 से 30 मई, 2019 के मध्य हमारी वेबसाइट पर अनुक्रमांक के अनुसार दिन में 10:30 बजे उपस्थित हों.
कॉल लेटर मिलने के बाद जुली कुमारी कॉल लेटर और अपने मूल प्रमाणपत्रों को लेकर विधानसभा सचिवालय आयी थी. यहां पर दस्तावेज और कॉल लेटर जमा करके चली गयी. लेकिन इसकी जांच हुई तो सारा मामला फर्जी निकला. पुलिस ने महिला के पति को फोन करके पूछताछ की. इस पर उसके पति ने कहा कि मेरा मामले से कोई लेना-देना नहीं है.
पुलिस महिला के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर महिला की तलाश कर रही है. लेकिन इस मामले में ऐसा लग रहा है कि महिला किसी जालसाज गैंग के प्रभाव में आकर नौकरी के नाम पर ठगी गयी है. एक सवाल यह भी उठता है कि महिला द्वारा जब कॉल लेटर प्रस्तुत किया गया तो लेने वाले ने क्या सोचकर 27 मई 2019 से 30 मई 2019 के मध्य वेबसाइट पर अनुक्रमांक के अनुसार दिन में 10:30 बजे उपस्थित होने वाले कॉल लेटर को रिसीव किया गया?


loading…

Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *