वैश्य समाज बिहार विधानसभा के आगामी चुनाव में अपने बीच से न्यूनतम पचास लोगों को विधायक निर्वाचित कराने और प्रदेश के सर्वोच्च पद पर समाज के नेता को बैठाने के लिए कार्य करेगी. साथ ही विभिन्न उपजातियों के स्थान पर सरनेम में वैश्य लगाने हेतु समाज को प्रेरित करने का काम करेगी.
प्रदेश में कार्यरत विभिन्न वैश्य संगठनों की एकीकृत संस्था वैश्य महापंचायत के बैनर तले प्रबुद्ध वैश्य समाज के अध्यक्ष डा विमल कारक की अध्यक्षता में आई एम ए हाल पटना में वैश्य महापंचायत के समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुयी. जिसमें बिहार प्रदेश वैश्य महासंघ के अध्यक्ष कमल नोपानी, अखिल वैश्य सम्मेलन के डा जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता, वैश्य चेतना समिति के अध्यक्ष ई सुन्दर साहू, राष्ट्रीय वैश्य महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष पी के चौधरी, बिहार प्रदेश वैश्य महासभा के अध्यक्ष डा आनन्द कुमार अधिवक्ता, राज कुमार रश्मि, दिलीप कुमार गुप्ता, डा दिनेश्वर प्रसाद, नीतिन अभिषेक, अजय गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, कांति केशरी सहित तमाम वैश्य संगठनों एवं उपजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
वक्ताओं ने समाज की ताकत पर प्रकाश डालते हुए इसके एकीकरण की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. साथ ही वैश्य समाज की संख्या को विभिन्न उपजातियों में दिखाए जाने की साजिश पर क्षोभ व्यक्त करते हुए 2021 के सेंसश में इसे सामूहिक रूप से दर्शाए जाने पर बल दिया गया. समाज को उपजातीय व्यवस्था से उपर उठकर एक सूत्र में बाँधने और महात्मा गांधी के सपने का देश बनाने का संकल्प भी सभी ने व्यक्त किया.
बैठक में समाज पर हो रहे अत्याचार, लूट, दोहन की चर्चा करते हुए इसके निवारण हेतू समस्त जनप्रतिनिधियों से प्रयास करने की मांग भी की गयी. महापंचायत ने निकट भविष्य में एस के मेमोरियल हाल में एक विशाल सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया. अंत में महापंचायत समन्वय समिति के सदस्य कमल नोपानी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.


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