UPSC 2017 में फिर बिहारी प्रतिभाओं ने लहराया परचम

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UPSC द्वारा सिविल सर्विसेज- 2017 के घोषित नतीजों में बिहार के युवाओं ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है. बक्सर के अतुल प्रकाश ने पुरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया तो सहरसा जिला के चैनपुर गांव के सागर झा ने 13वां, पटना के अभिलाषा अभिनव ने 18वां और भागलपुर की ज्योति को 53वा स्थान प्राप्त हुआ है.
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार बिहार के सफल अभ्यर्थियों में बक्सर के अतुल प्रकाश चौथा स्थान, सहरसा जिला के चैनपुर गांव के सागर झा 13वां, पटना के अभिलाषा अभिनव ने 18वां, भागलपुर की ज्योति 53वा, मुंगेर (तारापुर) के अविनाश कुमार ने 139, भागलपुर जिले के भीखनपुर के मातीउर्ररहमान 154वा, बेगूसराय के योगेश गौतम ने 172वां, नवादा जिले के मयंक मनीष ने 214वां, पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा प्रखंड के उचीभटिया के मूल निवासी रविकेश त्रिपाठी ने 334वा, गया के अमृतेश कुमार ने 363वां, मोतिहारी से अविनाथ चंद्र शाडिल्य ने 391वां, मधुबनी से रतन कुमार झा ने 408वां, भोजपुर की श्रेया सिंह ने 538, आरा के गढ़हनी के नजदीक बरौरा गांव के नीतीश कुमार ने 671वां तथा जन्दाहा के समीर किशन ने 748वां स्थान प्राप्त किया है. सूची में छूट गये नाम की जानकारी अपेक्षित है.
बिहार में सबसे बेहतर प्रदर्शन मंगरवा, बक्सर के रहने वाले अतुल प्रकाश का रहा है. उन्हें आल इंडिया में चौथी रैंक मिली है. अतुल का यह दूसरा प्रयास था. पहले प्रयास में उन्हें 558 रैंक मिला था. अतुल की पढ़ाई पटना के डीपीएस स्कूल से हुई और उनका सलेक्शन आईआईटी दिल्ली में हो गया. अतुल के पिता अशोक कुमार राय पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में इंजीनियर हैं. परिवार पटना में ही रहता है.
सहरसा के चैनपुर गांव के सागर कुमार झा को परीक्षा में 13वां स्थान मिला है. सागर का यह तीसरा प्रयास था. सागर की स्कूलिंग रांची डीपीएस से हुई. बाद में बीएचयू आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक किया और फिलहाल एक कंपनी में तैनात हैं. उनके पिता मिहिर कुमार झा पाकुड़ (झारखंड) में ब्लॉक कोऑपरेटिव अफसर के पद पर तैनात हैं.


पटना की अभिलाषा अभिनव ने अपने दूसरे प्रयास में 18वीं रैंक प्राप्त की है. प्रारम्भिक पढ़ाई डॉन बॉस्को पटना से तथा एसी पाटील कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नवी मुंबई से बीटेक अभिलाषा ने अपने पहले ही प्रयास में राजस्व सेवा का कैडर हासिल किया था. फिलहाल नागपुर में अंडर ट्रेनिंग हैं. इनके पिता भोलानाथ सरकार रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं.
भागलपुर जिले के कहलगांव की बेटी ज्योति को 53वां स्थान मिला है. 2015-16 में ज्योति को 524वीं रैंक मिली थी. बीएसएनएल के टेलीकम्युनिकेशन में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर दिल्ली में पदस्थ ज्योति के पिता जगन्नाथ प्रसाद साह रसकदम मिठाई वाले के नाम से फेमस हैं. ज्योति ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसफ स्कूल कहलगांव, आईएससी रांची के श्यामली कॉलेज और ग्रेजुएशन हंसराज कॉलेज दिल्ली से करने के बाद कॉम्पटीशन की तैयारी की. अपनी पहली सफलता से खुश ज्योति ने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर में दो साल में मैंने बहुत कुछ सीखा. इस सफलता से मैं बहुत खुश हूं, जिसमें मेरे परिवार का बहुत बड़ा सहयोग रहा. महिला व बच्चों के उत्थान के लिए तथा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने का मेरा सपना था, जो मुझे मिला.
मुंगेर (तारापुर) के अविनाश कुमार ने 139वा रैंक पाया है. अविनाश ने पिछले वर्ष 394 रैंक हासिल कर IRS ज्वॉइन किया था और अभी NADT नागपुर में ट्रेनिंग कर रहे हैं. प्रारम्भिक पढ़ाई तारापुर में कर इंजनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई की. आईसीआईसीआई बैंक और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में नौकरी कर चुके अविनाश ने बताया कि कुछ दिन बैंक में नौकरी करने के बाद एफसीआई ज्वॉइन किया और पिछले साल IRS ज्वॉइन किया. जॉब के साथ पढ़ाई करना काफी कठिन था. अपनी सफलता के श्रेय पापा और बड़े भैया भाभी को देते हुए कहा कि परिवार से और घर से बहुत अच्छा सपोर्ट रहा. सक्सेस हो फेलियर हो, हमेशा बढ़ावा देते रहे कि जो मन है उसे पूरे तरीके से करो. अविनाश कुमार के पिता कृत्या नंद चौधरी पथ निर्माण विभाग हजारीबाग में क्लर्क थे, जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं. जबकि बड़े भाई मनीष कुमार कोलकाता में सॉफ्टवेयर इंजीनीयर हैं.

भागलपुर जिले के भीखनपुर के मोतीउर्रहमान (पायलट) ने 154वीं रैंक हासिल की है. बीते वर्ष पहले अटेंप्ट में उन्होंने पीटी क्वालिफाई किया था. एसएम कॉलेज के इकनॉमिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. तबस्सुम परवीन और एसबीआई के रिटायर्ड मैनेजर एसएम साजिद के बेटे मोतीउर्रहमान दो वर्षों से जामिया मिलिया इस्लामिया में रहकर तैयारी कर रहे थे. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी राय बरेली से एविएशन का कोर्स कर पायलेट बनने के बाद उन्होंने UPSC करने की ठानी और इग्नू से बीए फिलॉस्फी की.
मोतीउर्रहमान ने कहा कि मैंने रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की. परीक्षा मेरे लिए बहुत कठिन नहीं रही क्योंकि मैंने सिलेबस पर अच्छी पकड़ बना ली थी. पेपर थोड़ा ट्रिक्री होता है, सवाल जरा लंबे होते हैं. इसलिए जवाब शॉर्ट और सिंपल लिखने चाहिए. मेरे ख्याल से चयनकर्ता सिर्फ ये देखना चाहते हैं कि आपका कॉन्सेप्ट कितना क्लियर है.
बेगूसराय के रतनपुर के योगेश कुमार गौतम ने 172वां स्थान प्राप्त कर IPS बनने में सफलता हासिल की है.पूर्व में इनका चयन रेलवे में हुआ था. इनके पिता सरोज कुमार गौतम जल संसाधन विभाग में कार्यपालक अभियंता हैं. इन्होंने IIT (ISM) धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.
पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा प्रखंड के उचीभटिया के मूल निवासी रविकेश त्रिपाठी ने 334वीं रैंक प्राप्त की है. रविकेश ने पटना के सेंट माइकल हाईस्कूल से पढ़ाई की है. इनके पिता अजय त्रिपाठी पटना जंक्शन पर मुख्य आरक्षण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. इनके पूर्वज तारकेश्वर नाथ तिवारी रामगढ़वा हाईस्कूल के संस्थापक प्रधानाध्यापक थे. परिवार पटना के कुर्जी में रहता है.
मूल रूप से आरा के गढ़हनी के नजदीक बरौरा गांव के रहने वाले कुञ्ज बिहारी (सम्प्रति पटना के संपतचक बीडीओ) के पुत्र नीतीश कुमार ने चौथी बार में 671वां रैंक पाया है. नीतीश कुमार ने 10वीं डीएवी बोर्ड कॉलोनी, पटना और बीटेक आईआईटी दिल्ली से किया है. इनके बड़े भाई राकेश कुमार मर्चेंट नेवी में सेकेंड ऑफिसर हैं और मंझले भाई रविश कुमार अमेरिका में इंजीनियर है.

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