UP : 16 नगर निगम में से 14 पर BJP का कब्जा, 2 मिला BSP को, कांग्रेस-सपा का नहीं खुला खाता

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उत्तर प्रदेश के 16 नगर निगम, 198 नगरपालिका और 438 नगर पंचायतों के तीन फेज में हुए चुनाव में से 14 पर BJP और 2 पर BSP ने बजी मारी है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अपना खाता नहीं खोल पाई है। नगरपालिका के 198 में से 70 पर भाजपा, सपा 45, बसपा 29, कांग्रेस 9 तथा अन्य 45 ने नगर पंचायत के 438 में से 100 पर भाजपा, सपा 83, बसपा 45, कांग्रेस 17 तथा अन्य 193 ने कब्जा किया।
लखनऊ नगर निगम चुनाव में भाजपा की संयुक्ता भाटिया पहली महिला मेयर बनी और नवाबों के इस शहर को सौ साल में पहली बार महिला मेयर मिली है। लखनऊ में 1916 में म्युनिसिपल एक्ट बनने के बाद से अब तक यहां पुरुष मेयर ही चुने जाते रहे हैं। इस सीट के लिए संयुक्ता भाटिया ने सपा की मीरा वर्धन को 131356 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। 2012 में भी भाजपा के दिनेश शर्मा (उपमुख्यमंत्री) मेयर चुने गए थे।
इलाहाबाद नगर निगम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता 27542 वोटों से जीती। वाराणसी नगर निगम में भाजपा की मृदुला जायसवाल मेयर बनीं। कानपुर नगर नगर निगम में भाजपा के प्रमिला पांडेय मेयर बने। गाजियाबाद नगर निगम में भाजपा की आशा शर्मा और फिरोजाबाद नगर निगम में भाजपा की ही नूतन राठौर मेयर बनीं। मेरठ नगर निगम में बसपा की सुनीता वर्मा तथा अलीगढ़ नगर निगम में बसपा के मो. फुरकान मेयर बनी।

गोरखपुर नगर निगम में भाजपा के सीताराम जायसवाल मेयर बने। नगर निगम में भाजपा के मेयर बने। आगरा नगर निगम में भाजपा के नवीन कुमार जैन मेयर बने। अयोध्या नगर निगम में भाजपा के ऋषिकेश उपाध्याय मेयर बने। झांसी नगर निगम में भाजपा के कैंडिडेट रामतीर्थ सिंघल और मुरादाबाद नगर निगम में भाजपा के विनोद अग्रवाल मेयर बने। बरेली नगर निगम में भाजपा के उमेश गौतम मेयर बने। मथुरा नगर निगम में भाजपा के मुकेश मेयर बने। सहारनपुर नगर निगम में भाजपा के संजीव वालिया मेयर बने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UP निकाय चुनावों में भाजपा की जीत पर बधाई देते हुए ट्वीट किया कि- विकास की इस देश में फिर एक बार जीत हुई। उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों में शानदार जीत के लिए प्रदेश की जनता को बहुत-बहुत धन्यवाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को ढेरों शुभकामनाएं। यह जीत हमें जन कल्याण की दिशा में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम साढ़े चार करोड़ वोटर्स के आभारी हैं। इन नतीजों ने हम सब लोगों को जिम्मेदारी बढ़ाई है। UP नगर निकाय चुनाव सबकी आंखों को खोलने वाला है। गुजरात के बारे में जो लोग बड़ी-बड़ी बाते करते थे, उनका खाता नहीं खुला। अमेठी में हारे, नगर निकाय में खाता नहीं खुला। निकाय चुनाव योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा का सवाल था, योगी ने 14 नवंबर को अयोध्या से इलेक्शन कैम्पेन की शुरुआत कर 14 दिनों में 32 जनसभाएं की थी। अकेले लखनऊ में 6 रैलियां की थी।

भाजपा ने विकास के एजेंडे को आगे कर चुनाव लड़ा। सपा, बसपा और कांग्रेस भाजपा के इस एजेंडे का न कोई तोड़ निकल पायीं न ही कारगर ढंग से जवाब दिया। भाजपा ने निकाय चुनावों के लिए जो संकल्प पत्र घोषित किया, उसे घर-घर पहुंचाने का काम भी बखूबी अंजाम दिया। जबिक सपा, बसपा और कांग्रेस इस कार्य में पहले ही बहुत पीछे छूट गईं थी।
भाजपा समय से पहले ही निकाय चुनावों की तैयारियों में जुट गई थी। नगर निकाय चुनाव में 10,344 वाट्सएप ग्रुप बनाकर सोशल मीडिया का जबर्दस्त तरीके से इस्तेमाल किया। जिनकी मॉनिटरिंग प्रदेश मुख्यालय का IT सेल कर रहा था। पार्टी ने अपने डाटा बेस में 1.13 लाख सदस्यों के नाम, पता और बूथ की जानकारी दर्ज कर रखी थी। प्रदेश के 16 नगर निगम, 198 नगरपालिका और 438 नगर पंचायतों (16 नगर निगम के कुल 1300 वार्ड, 198 नगरपालिका परिषद के कुल 5261 वार्ड और 438 नगर पंचायत के कुल 5446 वार्ड सदस्य सहित) के लिए तीन फेज में हुए चुनावों में UP के कुल 3.36 करोड़ लोगों में से कुल 53% मतदाताओं ने तीन फेज में 22, 26 और 29 नवंबर को वोट डाले थे। 2012 के निकाय चुनाव में 46 फीसदी वोटिंग हुई थी।

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