राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर NRC में रिश्वत लेकर नाम जोड़ने वाले दो अधिकारियों सैयद शाहजहां और राहुल पाराशर को एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया. दोनों को गुवाहाटी स्थित दिसपुर NRC केंद्र नंबर 8 के कार्यालय से दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया.
एसीबी के डायरेक्टर के अनुसार सैयद शाहजहां फील्ड लेवल अफसर और राहुल पाराशर सहायक के पद पर कार्यरत हैं. दिसपुर जिले की आनंद नगर निवासी कजरी घोष दत्त ने दोनों के खिलाफ शिकायत की थी. महिला के अनुसार उसका नाम NRC ड्राफ्ट में नहीं है. उसने जब अपना नाम शामिल करने के लिए आवेदन दिया, तो अधिकारी ने उससे दस हजार रुपए रिश्वत मांगे.
दोनों आरोपियों ने महिला के आवेदन में कुछ गलतियां निकाली थीं और इन गलतियों को दूर करने के एवज में महिला से दस हजार रुपए की मांग की थी. आरोपियों के पास से रुपए और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गये हैं. साथ ही पुरे एनआरसी सेवा केंद्र की जांच चल रही है.
पिछले वर्ष जुलाई में एनआरसी सूची आने के बाद 40 लाख लोगों की नागरिकता पर खतरा पैदा हो गया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल और असम में खासा राजनीतिक हंगामा हुआ. तब एनआरसी में 2.89 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे, जबकि 3.29 करोड़ लोगों ने आवेदन दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को सुनवाई करते हुए एनआरसी की समय सीमा बढ़ाने से इनकार करते हुए आदेश दिया था कि एनआरसी का अंतिम प्रकाशन 31 जुलाई तक हो ही जाना चाहिए. साथ ही CJI जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एनएफ नरीमन की बेंच ने NRC से छूट गए लोगों की नागरिकता के दावे को ‘वंशावली’ और भूमि के रिकार्ड के आधार पर फिर से शामिल करने को कहा था.


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