दलित विकास अभियान समिति द्वारा NEG-FIRE एवं बाल विकास परियोजना के सहयोग से डोभी प्रखंड के 30 आंगनवाड़ी विकास समिति सह महिला मंडल समितियों के सदस्यों की क्षमता वर्द्धन एवं जागरूकता के लिए प्रशिक्षण दिया गया. सामुदायिक संरचना और जवाबदेही विकसित करते हुए पूर्व प्राथमिक शिक्षा में इनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशिक्षण दी गयी है.
दलित विकास अभियान समिति के निदेशक धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि पूर्व प्राथमिक शिक्षा ही हमारा अस्तित्व है, जो बिना समुदाय की सहभागिता के संभव नही है. अक्सर देखा गया हैं कि आंगनवाड़ी केन्द्र को लोग एक बिजनेस की दृष्टि से देखते हुए अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते. वहीं सेविकाओं के अपने दायित्वों और कर्तव्यों के सही अनुपालन करने में असमर्थ रहने की मुख्य वजह समुदाय की उदासीनता और भागीदारी नही होना है.
उन्होंने कहा कि पूर्व प्राथमिक शिक्षा ही हमारा मूलाधार है. बच्चों सहित माताओं के लिए भी सरकार ने कई महत्वकांक्षी योजनायें चला रखी हैं. ये योजनायें अंतिम पोषक क्षेत्र के लोगों तक सही में नहीं पहुँच पा रही है. इन समितियों को सशक्त कर उन्हें नियमित बैठक में चर्चाओं द्वारा बच्चों को केन्द्र पर आना, उनके समुचित देखभाल, टीकाकरण, पोषाहार और अल्पाहार तथा सामाजिक अंकेक्षण जैसे कार्यो में सहयोग प्रदान करने के लिए पिछले 21 सितम्बर 2019 से कुल आठ चरणों मे बरहमोरिया, निगरी, बारी, मिस्त्रीटॉड, तेतरिया, बजौरा और डोभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर त्रिदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया.
प्रशिक्षण में केन्द्रों की नियमित संचालन में सहयोग, केन्द्र तक बच्चों के सुरक्षित पहुँचने तथा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की लोगों तक पहुँच स्थापित करने में इन समितियों की भूमिका और दायित्व से सम्बंधित विमर्श किया गया. इस प्रशिक्षण से लोगों मे उत्साहवर्धन होने के साथ ही बेहतर सहयोग करने का संकल्प भी लिया गया.
माता समिति के प्रशिक्षण से समुदाय के लोग काफी उत्साहित और प्रभावित हुये हैं और नियमित माता समिति के बैठक के साथ बच्चों को नियमित देखभाल करने की योजना बनाई. इस कार्य में डोभी, गया के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने सराहनीय दिया.


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