लोकसभा चुनाव का तापमान चढ़ा हुआ है। देश के भीतर सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे चर्चाओं में बने हुए हैं। पार्टियों ने अपने घोषणा पत्र में इन मुद्दों को जगह दी है। उधर गैलप वर्ल्ड पोल की हाल की रिपोर्ट के अनुसार 10 में से सात भारतीय मानते हैं कि अपने इलाके में रात में कहीं अकेले जाने में सुरक्षित महसूस करते हैं। नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने बाद से ऐसा कहने वालों में 17 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
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गैलप वर्ल्ड पोल दुनिया भर में महत्वपूर्ण मुद्दों पर सर्वे करता है। 2005 से ही लोगों तक भोजन की पहुंच, रोजगार, लीडरशिप परफोर्मेंस जैसे कई मुद्दों पर सर्वे करता आ रहा है। गैलप ने भारत में अक्टूबर-दिसंबर 2018 के बीच सर्वे किया जिसमें लोगों ने व्यक्तिगत सुरक्षा चिंताओं के बावजूद देश की सुरक्षा को अधिक जोर दिया गया। गैलप सर्वे 2016 में प्रकाशित एक सरकारी सर्वे के हवाले से बताया कि मोदी के शासनकाल के पहले कुछ वर्षों में क्राइम की दर में मामूली बढ़ोतरी हुई। सर्वे में अपहरण और अपहरण की संख्या में वृद्धि और हत्याओं में गिरावट दर्ज हुई है। लेकिन ध्यान देने वाले बात यह है कि 2017 में देश में 1,000 आतंकी हमले हुए। दुनिया में इराक और अफगानिस्तान के बाद भारत का स्थान तीसरा रहा।

गैलप सर्वे ने यह भी बताया कि ग्रामीण और शहरी भारतीयों ने सुरक्षा को लेकर एक जैसी राय रखी। लेकिन प्रादेशिक तौर पर बहुत बड़ा अंतर मिला। रात में घर से बाहर निकले वालों में पूर्वी भारत के 78 प्रतिशत लोग और 75 प्रतिशत दक्षिण भारत के लोग सुरक्षित महसूस करते हैं जबकि 60 प्रतिशत उत्तर भारत के लोग सुरक्षित मसहूस करते हैं। 2017 में जारी 2016 के राष्ट्रीय क्राइम डेटा के अनुसार दिल्ली समेत दो मिलियन से अधिक जनसंख्या वाले 19 शहरों में हत्या, बलात्कार और अपहरण की घटनाएं उच्चतम स्तर पर रही।


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