राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नई सरकार बनाने के लिए शनिवार की रात आमंत्रित किया. NDA संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए उनसे मुलाकात की थी.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने 2014 से 2019 तक गरीबों के लिए सरकार चलाई और आज पुनः देश के गरीबों ने हमें सरकार बनाने का अवसर दिया है. वीआईपी कल्चर से देश को बड़ी नफरत है, हम भी नागरिक हैं तो फिर कतार में क्यों नहीं खड़े हो सकते? जनता का ध्यान रखकर हमें खुद को बदलना चाहिए, लाल बत्ती हटाने से कोई आर्थिक फायदा नहीं हुआ लेकिन जनता के बीच अच्छा मैसेज गया.
लोकसभा चुनाव 2019 ने दीवारों को गिराने और दूरियों को समाप्त करने का काम किया है. हर पांच साल में एंटी इन्‍कंबेंसी होती है, लेकि‍न जब विश्‍वास मजबूत हो तो प्रो इनकंबेंसी होती है. जनता ने हमें इतना बड़ा आदेश दि‍या है, सीना चौड़ा हो जाता है. हमें सभी का विकास करना है, जो हमारे समर्थन में हैं या जो हमारे विरोध में थे. मेरा सांसदों से निवेदन है कि हमारे लिए कोई पराया नहीं है. ये देश परिश्रम की पूजा करता है, यही कारण है कि हमें 2014 से ज्‍यादा वोट 2019 में मिले.
मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से देश की माइनॉरिटी को एक छलावे से भ्रमित और भयभीत रखा गया है, जबकि अच्छा यह होता कि माइनॉरिटी के शिक्षा और स्वास्थ्य की चिंता की जाती. हमसब को मिलकर इस छल को छेदना है. हमें उनका विश्वास जीतना है. तभी देश पर गरीबी का जो टैग लगा है, उससे देश को मुक्त कराया जा सकता है. गरीबों के हक के लिए हमें जीना और जूझना है, अपना जीवन खपाना है. देश के गरीबों के साथ लगातार जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश की माइनॉरिटी के साथ हुआ है.
मोदी ने कहा कि यह चुनाव पूरे विश्‍व के लिए एक अजूबे की तरह था. प्रचंड जनादेश ने हमारी जिम्‍मेदारी बढ़ा दी है. देश की जनता सेवाभाव स्‍वीकार करती है, अहंकार नहीं. भारतीय मतदाता सत्‍ताभाव स्‍वीकार नहीं करती, हमें जनता ने किसी पार्टी के कारण नहीं बल्कि सेवाभाव के कारण चुना है. मोदी ने कहा कि मैंने इतने चुनाव देखे, हार- जीत सब देखे. मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी. आपने मुझे चुना, यह व्‍यवस्‍था का एक हिस्‍सा है. मैं भी आपमें से ही एक हूँ, हमें कंधे से कंधा मिलाकर चलना है. सभी सांसदों और साथि‍यों के वि‍श्‍वास पर मैं जरूर खरा उतरूंगा.
मोदी ने कहा कि छपास और दिखास के मोह से हमें बचना चाहिए, इससे बचकर चले तो खुद भी बचेंगे और दूसरों को भी बचाएंगे. उन्होंने कहा कि नए और पुराने सांसदों को बड़बोले बयानों से बचना चाहिए, कुछ लोग बड़बोलेपन में कुछ भी बोल देते हैं. मीडिया को भी पता होता है कि यह 6 नमूने हैं, चलो कुछ बोलेगा ही, इससे बचें. कुछ भी ऑफ द रिकॉर्ड नहीं होता है.
मोदी ने कहा कि सरकार वही बनाएगा जिसकी जिम्मेदारी है, अखबरों से कोई मंत्री नहीं बनता. बहुत सारे नरेंद्र मोदी पैदा हो गए हैं, जिन्होंने मंत्रिमंडल बना दिया है. सरकार कोई और बनाने वाला नहीं है. अखबार के पन्नों से न मंत्री बनते हैं, न मंत्रिपद जाते हैं.

मोदी ने कहा कि गठबंधन की राजनीति में NDA एक विश्वस्त आंदोलन है. जिसकी नींव माननीय अटल बिहारी बाजपेयी ने रखी और अब हमें इसे और सशक्त और ज्यादा मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए गठबंधन की राजनीति को स्वीकार करना ही होगा.
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत से पहले संविधान के सामने सिर झुकाकर नमन किया और अपने भाषण में कई बार संविधान शब्द का उपयोग किया. उन्होंने कहा कि मैं आपसे संविधान के सामने सिर झुकाकर कह रहा हूँ कि हम सबके लिए कोई भेद रेखा नहीं है. हम उनके लिए हैं, जो हमारे साथ हैं और हम उनके लिए भी हैं, जो भविष्य में हमारे साथ होंगे.
इसके पूर्व भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित संसदीय दल की बैठक में पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्‍वागत भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया. सर्वप्रथम भाजपा संसदीय दल ने नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना. उनके नाम का प्रस्‍ताव अमित शाह ने और समर्थन राजनाथ सिंह व नितिन गडकरी ने किया. इसके बाद उन्हें NDA का नेता चुना गया, तब नाम का प्रस्‍ताव अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल ने किया. प्रस्‍ताव का समर्थन जदयू अध्‍यक्ष सह बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान, तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री पलानीसामी, नगालैंड के मुख्‍यमंत्री नेफियो रियो, मेघालय के मुख्‍यमंत्री कोनार्ड संगमा आदि ने किया. लोकसभा चुनाव में भाजपा को 303 और NDA को 350 सीटें मिली हैं.
NDA संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकृष्‍ण आडवाणी, प्रकाश सिंह बादल और मुरली मनोहर जोशी का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया. इसके बाद उपस्थित तमाम वरिष्‍ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुष्‍प गुच्‍छ देकर उनका स्‍वागत किया.
स्‍वागत के बाद भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने NDA के सांसदों और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस चुनाव में जनता ने परिवार और तुष्‍ट‍िकरण को नकारा. मैंने पूरे देश का दौरा किया, इस चुनाव में नरेंद्र मोदी के नाम की सुनामी थी. इसीलिए सभी ने तमाम सीटों पर सिर्फ एक आदमी “नरेंद्र मोदी” को चुना. बैठक में NDA के तमाम नेताओं के अलावे कई राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री मौजूद थे.


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