लोकसभा चुनाव में हार के बाद बसपा और सपा की राहें एक बार पुनः जुदा हो गयी हैं. बसपा अब विधानसभा के चुनाव भी लड़ेगी.
दिल्ली में बसपा की बैठक में हार के कारणों की समीक्षा के बाद मायावती ने कहा कि गठबंधन से यूपी में कोई फायदा नहीं हुआ. यादवों और जाटों के वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं हुये. इसी के साथ बसपा सुप्रीमो ने घोषणा किया कि यूपी में कुछ दिनों में होने वाले सभी 11 विधानसभा उपचुनावों को वो अकेले लड़ेंगी. मायावती ने कहा कि शिवपाल यादव ने यादवों का वोट काट लिया.
ज्ञात है कि लोकसभा चुनाव से पहले बसपा- सपा और आरएलडी ने गठबंधन कर UP में 50 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया था. लेकिन लोकसभा चुनावों के परिणाम उम्मीदों के विपरीत रहने और बसपा को केवल दस तथा सपा को मात्र 5 सीटों पर जीत मिल पायी थी. जबकि एनडीए गठबंधन ने 64 सीटों पर जीत दर्ज की थी.
समीक्षा बैठक में मायावाती के तेवर काफी सख्त दिखे वो गठबंधन से काफी नाराज़ दिखीं. साथ ही मायावती के उपचुनाव लड़ने के ऐलान को भी उनके नजरिए में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. क्योंकि बसपा अबतक सामान्यतया उपचुनाव नहीं लड़ा करती थी.


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