महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से CM पद को लहर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को एक बयान में दावा किया की उनकी पार्टी को 170 विधायकों का समर्थन प्राप्त है जो 175 को भी पार कर सकती है. साथ ही राउत ने कहा कि भाजपा से केवल मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर ही बातचीत होगी.
राज्य के 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा द्वारा 105 और शिवसेना द्वारा 56 सीटें जीतने के बाद से दोनों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ है. चुनाव में NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं हैं.
राउत ने अपने ताजा बयान में कहा कि सरकार गठन को लेकर गतिरोध अभी भी जारी है और कोई बातचीत होगी भी तो केवल मुख्यमंत्री पद पर होगी. उधर शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन पर राजनीतिक गतिरोध ‘अहंकार के कीचड़ में फंसे एक रथ’ की तरह है. भाजपा नेता सुधीर मुंगंतीवार के राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने सम्बन्धी बयान पर राउत ने कहा कि यह कदम पार्टी (BJP) की सदी की सबसे बड़ी हार होगी. क्योंकि यह बात वो लोग कर रहे हैं जो इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल को काले दिवस के रूप में मनाते हैं.
भाजपा 5 साल तक अपना मुख्यमंत्री बनाए जाने के रुख पर अभी भी कायम है तो शिवसेना उधर राकांपा के साथ सरकार बनाने की कवायद में लगी है जिसे कांग्रेस का भी समर्थन मिल सकता है. कांग्रेस नेताओं ने अपने ताजा बयान में कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के अपने फैसले पर शिवसेना को कायम रहना चाहिए. सारे मामले पर NCP नेताओं की बैठकों का दौर जारी है. सोमवार को शरद पवार और सोनिया गांधी के बीच होनी वाली मुलाकात को महाराष्ट्र में सरकार गठन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


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