एशियाई पार्ल्यामेंट्री असेंबली (APA) की मीटिंग में कश्मीर का जिक्र करने पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने पाकिस्तान की जमकर लताड़ लगायी.
एशियाई पार्ल्यामेंट्री असेंबली की सालाना मीटिंग सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में 13 से 17 अक्टूबर तक हो रही है. जहां पाकिस्तान ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात के मद्देनजर अपने यहां इस मीटिंग का आयोजन नहीं करवा सकता है. शशि थरूर ने पाकिस्तान के इस पैंतरे पर कहा कि वह भारत के आंतरिक मामले को उठाकर इस मंच के राजनीतिकरण की कोशिश कर रहा है.
भारत के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल इंटर पार्ल्यामेंट्री यूनियन (IPU) की 141वीं असेंबली में हिस्सा लेने सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में है. जिसके इतर APA की मीटिंग भी हुई. पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन ने एक पत्र के जरिए इस फोरम को बताया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात के कारण दिसंबर 2019 में पूर्वनिर्धारित मीटिंग का आयोजन नहीं कर पाएगा.
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के इस पत्र की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन ने भारत के इस आंतरिक मामले का जिक्र APA में अनावश्यक रूप से अपने राजनैतिक स्वार्थ एवं इस मंच के राजनीतिकरण के लिए किया है. जम्मू- कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न अंग है. जम्मू-कश्मीर में इस प्रकार के हालात नहीं हैं जिससे पाकिस्तान में कहीं पर भी आम जनजीवन या उसके कामकाज पर कोई फर्क पड़े.
UPA सरकार में विदेश राज्य मंत्री रह चुके शशि थरूर ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों का असर सीमाओं पर नहीं होता है और न ही हम अपने पड़ोसियों को कभी छेड़ते हैं. पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन यह उम्मीद करते हैं कि यह प्रतिष्ठित सभा दिसंबर 2019 में अपनी मीटिंग आयोजित करने की पाकिस्तान की अक्षमता अथवा अनिच्छा के पीछे उसकी ऐसी बहानेबाजी को स्वीकार कर ले तो यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण और विचित्र स्थिति है.
जम्मू-कश्मीर में प्रभावी आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान पूरी दुनिया में इसका रोना रो रहा है. यह और बात है कि उसे संयुक्त राष्ट्र से लेकर मुस्लिम देशों तक में इस मुद्दे पर मुंह की खानी पड़ी है, लेकिन अभी भी वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा.
पिछले महीने श्रीलंका में यूनिसेफ (यूनाइटेड नेशंस चिल्डेंस फंड) के एक समारोह में भी पाकिस्तान ने कश्मीर राग अलापने की कोशिश की थी, तब भी भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने यह कहकर उसकी मंशा पर पानी फेर दिया था कि यह भारत का आंतरिक मामला है. पाकिस्तान ने मालदीव में आयोजित दक्षिण एशियाई देशों की संसद के स्पीकरों के सम्मेलन में भी कश्मीर मुद्दा उठाना चाहा तो वहाँ भारत ने स्पष्ट कहा था कि इस्लामाबाद को राज्य प्रायोजित आतंकवाद खत्म करना चाहिए जो मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है.


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