उम्र 34 वर्ष और पद प्रधानमंत्री. है न आकर्षक और बेमिसाल, जी हाँ उत्तरी यूरोप के देश फिनलैंड की नयी प्रधानमंत्री बनी हैं 34 वर्षीया सना मारिन. मारिन को दुनिया में सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. इसके पूर्व यूक्रेन के प्रधानमंत्री ओलेक्सी होन्चारुक 35 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बने थे.
फिनलैंड की नयी प्रधानमंत्री सना मारिन इसके पूर्व परिवहन और संचार मंत्री रह चुकी हैं. फिनलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री साउली निनीस्तो के इस्तीफा देने के बाद से ही इनके प्रधानमंत्री बनने की चर्चायें शुरू हो गयी थीं. इसके पूर्व सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य यूक्रेन के प्रधानमंत्री ओलेक्‍सी होन्‍चेरुक के नाम था, जैकिंडा आर्डेन 39 वर्ष की उम्र में न्यूजीलैंड के PM बने थे.
प्रधानमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद सना मारिन ने कहा कि मैंने अपनी उम्र या लिंग के बारे में कभी सोचा ही नहीं. मैं सिर्फ अपने राजनीति में आने के कारणों और उन चीजों के बारे में सोचती हूँ जिनके लिए मतदाताओं ने हम पर भरोसा किया है. फिनलैंड उत्तरी यूरोप का एक देश है, जिसकी राजधानी हेलसिंकी है. यूरोपीय संघ में सबसे कम लगभग 53 लाख आबादी वाले फिनलैंड के पश्चिम में स्‍वीडन, पूर्व में रूस और उत्तर में नार्वे है. क्षेत्रफल के हिसाब से यह यूरोप का आठवां सबसे बड़ा जनघनत्‍व वाला देश है.ऐतिहासिक रूप से यह स्‍वीडन का एक हिस्‍सा था. 1809 से 1917 तक फिनलैंड रूसी साम्राज्‍य का स्‍वायत्‍त हिस्सा था. जो 1955 में संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ और 1995 में यूरोपीय संघ में शामिल हुआ.
एक सर्वेक्षण में सा‍माजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सैन्‍य संकेतकों के आधार पर फिनलैंड दुनिया का सबसे अधिक स्थिर देश माना गया है. परन्तु इन दिनों यह देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है. जिसकी शुरुआत डाक कर्मचारियों की हड़ताल से हुई थी, हालांकि हड़ताल 27 नवंबर को समाप्‍त हो गई है. 700 डाक कर्मचारियों की मजदूरी में कटौती की योजना पर कई हफ्तों के राजनैतिक संकट के बाद हड़ताल के समय निष्क्रियता के कारण साउली निनीस्‍तो ने अपना विश्‍वास खो दिया था.
सना मारिन का जन्‍म 16 नवंबर 1985 को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में हुआ और शिक्षा- दीक्षा टंपेरे शहर में हुई थी. टैम्पियर विश्‍वविद्यालय से 2012 में उन्होंने ऐडमिनिस्ट्रेटिव साइंस में बैचलर की डिग्री हासिल की और राजनीति में सक्रिय हुयी. 2012 में उन्होंने टंपेरे शहर सिटी काउंसिल का चुनाव जीता और 2013 से 2017 तक शहर के सिटी काउंसिल की चेयरपर्सन रहीं. 2017 में उन्होंने दुबारा सिटी काउंसिल का चुनाव जीता. वो टंपेरे क्षेत्र असेंबली ऑफ काउंसिल की भी सदस्य बनीं. फिनलैंड की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी में सना का कद तेजी से बढ़ा, वो 2014 में ही इस पार्टी की डिप्टी चेयरपर्सन बन गयीं. 2019 में देश की परिवहन व संचार मंत्री बनीं और अब प्रधानमंत्री पद का शपथ लेने जा रही हैं.


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