प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दीदी आपकी जमीन खिसक चुकी है और देख लेना 23 मई को जब नतीजे आएंगे तो आपके विधायक भी आपको छोड़कर भाग जाएंगे. आज भी आपके 40 विधायक मेरे संपर्क में हैं. पीएम मोदी के इस बयान की टीएमसी चुनाव आयोग से शिकायत करेगी.
मोदी ने कहा कि दीदी ने घोषणा की है वो मुझे बंगाल की मिट्टी और पत्थरों से बना रसगुल्ला खिलाना चाहती हैं. वाह क्या सौभाग्य है मेरा, बंगाल की मिट्टी का रसगुल्ला मतलब, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, चैतन्य महाप्रभु, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों के पैरों की धूल, वो माटी जिन पर उनके पैर पड़े, वो माटी जिन्होंने देश को बनाने वाले ऐसे महान व्यक्तित्वों को बनाया, मुझे अब उस माटी का प्रसाद मिलेगा तो मेरा जीवन ही धन्य हो जाएगा.
ममता सरकार पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि दीदी आपने विश्वासघात किया है. आज जो पश्चिम बंगाल में गुस्सा है वो आपके विश्वासघात का है और इस विश्वासघात की कीमत यहां का नौजवान लेकर रहेगा. मैं कुछ गंभीर बात बताना चाहता हूँ. भारत की राजनीति में आज तक 4 प्रकार के दल और पॉलिटिकल कल्चर देखे गए हैं. पहला है नामपंथी, दूसरा वामपंथी, तीसरा दाम और दमन पंथी तथा चौथा है- विकास पंथी.
नामपंथी यानि जो सिर्फ अपने वंशवादी नेता का नाम जपे, नेता में योग्यता हो न हो, उसे राजा-महाराजा मानकर उसका गुणगान करे. दूसरे वामपंथी यानि जो नकारी जा चुकी विदेशी विचारधारा को भारत पर थोपने की कोशिश करे, भारतीयता का अपमान करे, जिसे 3 दशक तक बंगाल की जनता ने झेला है, वामपंथी जो नक्सलवाद को दाना पानी दे रहे हैं. तीसरे हैं दाम-दमन पंथी यानि जो धन और बाहुबल की ताकत पर सत्ता पर कब्जा करे और लोगों को ही अपना गुलाम बनाने की कोशिश करे.
चौथा राजनीतिक कल्चर है विकास पंथी है. इसका मतलब है देश का विकास, जन सामान्य का विकास. वो विकास पंथ ही भाजपा की संस्कृति है, जिसके लिए दल से बड़ा देश है और जिसके लिए देश का विकास, देश के लोगों का विकास ही सर्वोपरि है.
ममता बनर्जी ने अपनी एक रैली में मोदी पर जवाबी हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे बंगाल में राजनीतिक अस्थरिता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं. उधर तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि वो PM के बयान की शिकायत चुनाव आयोग में करेंगे. उन्होंने कहा कि आपके साथ एक पार्षद भी नहीं जायेगा. आप चुनाव प्रचार कर रहे हैं या ख़रीद फ़रोख़्त कर रहे हैं, आपके जाने का वक्त आ गया है. हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप में चुनाव आयोग से आज ही हम आपकी शिकायत करने जा रहे हैं.


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