PM मोदी सहित दिग्गजों की उपस्थिति में गुजरात का ताज विजय रुपानी को

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विजय रुपाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी, 18 मुख्यमंत्रियों सहित कई केन्द्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में मंगलवार को दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
भव्य शपथग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री के अलावे उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल सहित राज्य मंत्रिपरिषद के 19 सदस्यों ने भी शपथ ली. समारोह में गुजरात के दिग्गज राजनेताओं पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल, आनंदीबेन पटेल और शंकर सिंह वाघेला भी मौजूद थे.
शपथ लेने वालों में कैबिनेट मंत्री के रूप में आर सी फालदू, भूपेंद्र चूड़ास्मा, कौशिक पटेल, सौरभ पटेल, गणपत वसावा, जयेश रादड़िया, दिलीप ठाकोर, ईश्वर परमार तथा राज्यमंत्री के रूप प्रदीप सिंह जडेजा, परबत पटेल, पुरुषोत्तम सोलंकी, बचूभाई खाबड़, जयद्रथ परमार, ईश्वर सिंह पटेल, वासन अहीर,वैभवरी दवे, रमनलाल पाटकर, कुमार कनानी शामिल थे.
गुजरात में 22 साल बाद भी जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए भाजपा ने राज्य में लगातार छठी बार सरकार बनाई. इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, यूपी के योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के रमन सिंह, राजस्थान की वसुंधरा राजे, हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर, छत्तीसगढ़ के रमन सिंह, झारखंड के रघुबर दास, उत्तराखंड के त्रिवेंद सिंह रावत समेत 18 एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लेकर 2019 के संदर्भ में अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया.
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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी का जन्म म्यांमार के रंगून (फिलहाल यंगून) में 1956 में हुआ था। रमणीक लाल के सुपुत्र रुपानी राजकोट में अपने स्कूली दिनों में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गये थे. जैन समुदाय से आने वाले रुपानी लो प्रोफाइल में रहकर काम करने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं.
बीए, एलएलबी करने वाले रुपानी ABVP से जुड़े रहे हैं और 70 के दशक में नवनिर्माण आंदोलन का हिस्सा बने. जयप्रकाश नारायण के आह्वान पर हुए छात्र आन्दोलन से जुड़े रहे और इमर्जेंसी के दौरान भुज और भुवनेश्वर की जेलों में रहे. पहली बार 1987 में राजकोट नगर निगम में पार्षद बने और बाद में भाजपा की शहर ईकाई के अध्यक्ष बने.
राज्यसभा के सदस्य (2006- 2012) रहे रुपानी जल संसाधन, खाद्य जैसे विभिन्न संसदीय कमेटियों के हिस्सा बने. 2013 में गुजरात म्यूनिसिपल फाइनेंस बोर्ड के चेयरमैन बने और अक्टूबर 2014 में राजकोट पश्चिमी सीट पर हुए उप-चुनाव में बड़े अंतर से चुनाव जीते.
फरवरी 2016 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने रुपानी आनंदीबेन सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री रह चुके हैं. गुजरात को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने वाले रुपानी ने ही ‘खु़शबू गुजरात की’ अभियान को मशहूर बनाया था. अमित शाह के नजदीकी रुपानी 7 अगस्त 2016 को आनंदीबेन के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री बने.

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