‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारों को सार्थक करते हुए केन्द्र की नमो सरकार ने सभी तबकों मसलन एससी, एसटी, पिछड़ा,सवर्ण व मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय किया है। पिछड़ा वर्ग आयोग को केवल एससी,एसटी आयोग के समकक्ष संवैधानिक दर्जा ही नहीं दिया बल्कि बिहार के निषाद समाज से आने वाले डा. भगवान लाल सहनी को इसका पहला अध्यक्ष नियुक्त कर पिछड़ों को सम्मानिक किया है।
एस के मेमोरियल हॉल पटना में आयोजित राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डा. भगवान लाल सहनी के अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मछुआरों के लिए PM पैकेज से 186 करोड़ की योजना की मंजूरी के साथ ही मत्स्यजीवि सहयोग समितियों को सशक्त करने के लिए शीघ्र ही राज्य मंत्रिपरिषद भी 257 करोड़ की योजना स्वीकृत करने वाली है।
श्री मोदी ने कहा कि 1993 से गठित पिछड़ा वर्ग आयोग को कांग्रेस-राजद ने वर्षों सत्ता में रहने के बावजूद संवैधानिक दर्जा नहीं दिया। यही नहीं 2017 में लोकसभा से बिल पारित होने के बावजूद राजद-कांग्रेस ने अडंगा डाला, वरना दो साल पहले ही आयोग को संवैधानिक दर्जा मिल गया होता। संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद आयोग को पिछड़े वर्गों के हितों, किसी नई जाति को सूची में जोड़ने की अनुशंसा के साथ ही राज्यों के डीजीपी व मुख्य सचिव तक को सम्मन करने का अधिकार होगा जिसकी अवहेलना की हिम्मत कोई नहीं कर पायेगा।
विपक्ष मछुआरा समाज के वोट को तोड़ने की साजिश कर रहा है, मगर वह NDA के पक्ष में एकजुट हैं। राज्य व केन्द्र सरकार मछुआरों के कल्याण के लिए अनेक काम कर रही है। केन्द्र सरकार ने अलग से मत्स्य मंत्रालय बनाने का निर्णय लिया है। मछुआरों को भी KCC के तर्ज पर 4% ब्याज पर कर्ज मिलेगा।
PM पैकेज से स्वीकृत योजना के तहत हर प्रमंडल में थोक मछली बाजार, 29 खुदरा बाजार, मछुआरों के लिए आवास, एक हजार हेक्टेयर आद्र भूमि का विकास व 500 हेक्टेयर में तालाब का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार की 257 करोड़ की योजना से मत्स्यजीवि सहयोग समितियों को कम्प्यूटर, इंटरनेट, फर्नीचर, ऑफिस किराया, खुदरा मछली बाजार आदि की सुविधा दी जायेगी।


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