PAK के पीएम NAWAZ SHAREEF की पनामा केस में दोषी पाए जाने के बाद कुर्सी छिन गई है। वो तीन बार देश के PM बने, लेकिन एक बार भी वो अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। हालांकि, वो अकेले नहीं है। PAK का कोई भी पीएम आज तक अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। यहां हम देश के सभी PM और उनके कार्यकाल के बारे में बता रहे हैं।

लियाकत अली खान- अगस्त 1947 अक्टूबर 1951, लगभग- 4 साल

मुस्लिम लीग पार्टी के लियाकत अली खान गर्वनर-जनरल ने पाकिस्तान का पहला प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। 1951 में उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ख्वाजा निजामुद्दीन ने ये पद संभाला था।

ख्वाजा निजामुद्दीन
पाकिस्तान के पहले बंगाली लीडर और मुस्लिम लीग के सदस्य ख्वाजा निजामुद्दीन ने देश के दूसरे पीएम के तौर पर 1951 में जिम्मेदारी संभाली। 1953 में गर्वनर जनरल मलिक गुलाम ने उन्हें पद से हटा दिया था।

मोहम्मद अली बोगरा

मुस्लिम लीग के ख्वाजा निजामुद्दीन को हटाकर पीएम बने बने बोगरा पाकिस्तान की पॉलीटिक्स का जाना माना नाम थे। गवर्नर जनरल मलिक गुलाम ने उनकी सरकार को 1954 में खारिज कर दिया था। इसी साल हुए आमचुनाव के बाद बोगरा फिर पीएम बने, लेकिन देश के पहले प्रेसिडेंट इस्कंदर अली मिर्जा ने उन्हें 1955 में पद से हटा दिया।

चौधरी मोहम्मद अली 

मुस्लिम लीग के ही अली ने 1955 में पीएम का ऑफिस संभाला था। वो 1956 का संविधान बनाने वाले अहम खिलाड़ियों में से एक माने जाते थे। प्रेसिडेंट इस्कंदर से विवाद के चलते उन्होंने 1956 में इस्तीफा दे दिया था।

हुसैन शाहिद सुहरवर्दे

सुहरवर्दे पहले पीएम थे जो मुस्लिम लीग से नहीं थे। वो अवामी लीग के नेता थे और संविधान सभा के लिए 1954 में हुए चुनाव में उन्होंने पार्टी का नेतृत्व किया था। प्रेसिडेंट इस्कंदर अली से विवाद के चलते उन्हें पद से हटा दिया गया था।

बेनजीर भुट्टो

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने तत्कालीन पीएम मोहम्मद खान जुनेजो के बचे कार्यकाल को पूरा किया था। पाकिस्तान के संविधान में संशोधन के समय प्रेसिडेंट गुलाम इशक खान ने जुनेजो को पद से हटा दिया था। इसके बाद बेनजीर अक्टूबर 1993 में दोबारा पीएम बनीं और 5 नवंबर 1996 तक सत्ता संभाली। इस दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन प्रेसिडेंट फारुक लेघारी ने उन्हें करप्शन के आरोप में डिसमिस कर दिया था।

जफरउल्लाह खान जमाली

पाकिस्तान मुस्लिम लीग के चीफ जफरउल्लाह खान जमाली नवंबर 2002 में पाकिस्तान के पीएम बने। जरफउल्लाह खान चुनाव जीतकर यानी की लोकतांत्रिक तरीके से पीएम बने। हालांकि, वे भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान के तत्कालीन प्रेसिडेंट जनरल मुशर्रफ उनकी नीतियों से खफा थे। दोनों के बीच काफी मतभेद हो गए थे और इसी के चलते जमाली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

युसुफ रजा गिलानी

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चीफ युसुफ रजा गिलानी 2008 में देश के 10वें प्रधानमंत्री बने थे। वे अपना कार्यकाल पूरा कर पाते कि इसके पहले पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना के आरोप में उनकी कुर्सी चली गई थी। गिलानी पर आरोप था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मना करने के बावजूद प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को फिर से शुरू करने के लिए स्विस अधिकारियों को लेटर लिखा था।

नवाज शरीफ

पाकिस्तान के 12वें पीएम नवाज शरीफ पहली बार 1990 में पीएम बने थे। तत्कालीन प्रेसिडेंट गुलाम इशक खान से विवाद के चलते आर्मी के दबाव में उन्हें 1993 में पद छोड़ना पड़ा था। हालांकि, खान को भी इसके बाद पद से हटा दिया गया था।

1997 में दूसरी बार बने पीएम, 2000 में तख्तापलट

इसके बाद नवाज ने 1997 में दोबारा प्रधानमंत्री का पद संभाला। महज तीन साल बाद 1999 में तत्कालीन आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ ने उनका तख्तापलट कर दिया।

2013 में तीसरी बार पीएम बने

2007 में शरीफ पाकिस्तान लौटे और अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुट गए। 2013 के जनरल इलेक्शन में उनकी पार्टी नेशनल असेंबली में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। पनामा केस में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया और उन्हें फिर पद से इस्तीफा देना पड़ा।

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