प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के बीच 5वीं भारत-जर्मनी इंटर-गवर्मेंट कंसल्टेशन के बाद डेढ़ दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.
संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक-दूसरे का साथ देने की बात कही. दोनों देशों के बीच काफी करीबी रिश्ता बताते हुए दोनों नेताओं ने एक दुसरे देश के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया. मोदी ने पूरी दुनिया में सबसे लंबे वक्त तक राष्ट्र का नेतृत्व करनेवाली जर्मनी की चांसलर को भारत का अच्छा मित्र बताते हुए उनके नेतृत्व क्षमता की तारीफ की वहीं मर्केल ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि इस देश की विविधता भरी संस्कृति से हम सभी हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक और कानूनों के पक्ष में हैं, यही कारण है कि दुनिया के तमाम बड़े और गंभीर मामलों पर हमारे विचार एक से हैं. हम आतंक के खिलाफ लड़ाई में अपने द्विपक्षीय रिश्तों और सहयोग को और भी ज्यादा मजबूत करेंगे. दोनों देश का फोकस नई और एडवांस तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल्स, एजुकेशन, स्‍मार्ट सिटी, इनलैंड वॉटरवेज, कोस्‍टल मैनेजमेंट, नदियों की सफाई, पर्यावरण संरक्षण और सायबर सिक्युरिटी जैसे मामलों पर सहयोग बढ़ाने पर है. साथ ही एक्‍सपोर्ट कंट्रोल रेजीम एवं अन्‍य अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर भारत की सदस्‍यता के लिए समर्थन देने के लिए जर्मनी को धन्‍यवाद दिया.
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने इस अवसर पर स्थिर विकास और जलवायु सुरक्षा के लिए साथ मिलकर गंभीरता से लंबे समय तक काम करने की चाहत व्यक्त करते हुए कहा कि वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए टीचर्स एक्सचेंज प्रोग्राम भी शुरू होंगे. उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच हुए समझौते अत्‍याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक नयी इबारत लिखेंगे. अभी जर्मनी में बीस हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, हम इसमें और बढ़ोत्तरी के पक्षधर हैं साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षकों का आदान-प्रदान शुरू करेंगे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के अनुसार दोनों के बीच एक वर्ष में यह पांचवीं मुलाकात हो रही है. दोनों ने पारंपरिक सेक्टरों ऊर्जा, कौशल विकास और परिवहन में सहयोग पर चर्चा करने के अलावे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवीकरणीय ऊर्जा पर भी चर्चा किया. पिछले कुछ कार्यक्रमों में मर्केल को सपोर्ट के बिना खड़े होने में दिक्कत का सामना करते देखा गया है, इसे लेकर हाल ही में जर्मन सरकार ने भारत से अपील की थी कि उन्हें मेडिकल कारणों से राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने से छूट दी जाए. इस पर भारत सरकार ने सहमति जता दी है. यानी मर्केल को राष्ट्रगान में खड़े होने के प्रावधानों से छूट दी गयी है.
इससे पहले मर्केल के गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनका और जर्मन डेलिगेशन का स्वागत किया. राष्ट्रपति भवन में चांसलर मर्केल का औपचारिक स्वागत हुआ, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनसे मिलने पहुंचे. मर्केल ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी. इस दौरान भारत और जर्मनी के अफसरों के बीच डेलिगेशन स्तर की वार्ता हुई.


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