भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह के ब्रिटेन में जन्मे लेखक और पत्रकार बेटे आतिश अली तासीर का ओवरसीज सिटीजनशीप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड अपने पिता के पाकिस्तानी मूल का होने की जानकारी छुपाने के आरोप में रद्द कर दिया गया है. तासीर पाकिस्तान के मरहूम नेता सलमान तासीर के बेटे हैं. इस मामले को लेकर कुछ लोग हंगामा खड़ा कर रहे हैं.
नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार किसी भी ऐसे व्यक्ति को (OCI) कार्ड जारी नहीं किया जा सकता जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों, जबकि तासीर ने यह बात छिपा रखी थी. गृह मंत्रालय नागरिकता अधिनियम के अनुसार धोखे से, फर्जीवाड़ा कर या तथ्य छुपा कर OCI कार्ड हासिल करने वाले किसी भी व्यक्ति का OCI कार्ड धारक के रूप में उसका पंजीकरण रद्द कर उसे काली सूची में डाल सकता है. इसीके साथ भविष्य में उसके भारत प्रवेश पर भी रोक लग जाएगी.
लोकसभा चुनाव से पहले तासीर ने टाइम मैगजीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आर्टिकल लिखते हुए उन्हें ‘डिवाइडर इन चीफ’ कहा था. टाइम मैगजीन के उस अंक में तासीर ने अपने लेख में मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ’ यानी ‘देश को बांटने वाला’ लिखा था. उसी अंक में इयान ब्रेमर ने ‘मोदी द रिफॉर्मर’ शीर्षक से लिखे अपने लेख में PM मोदी को भारत के लिए सर्वोत्तम उम्मीद बताते हुए उनके आर्थिक नीतियों की खूब प्रशंसा की थी. इन दोनों आर्टिकलों की सूचना टाइम ने अपने कवर पेज पर दी थी.
हाँलाकि गृह मंत्रालय ने इस बात से इंकार किया है कि मोदी सरकार टाइम पत्रिका में आलेख लिखने के बाद से तासीर के ओसीआई कार्ड को रद्द करने पर विचार कर रही थी. बल्कि तासीर ने ये बात छिपाई थी कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे. तासीर को जवाब या आपत्तियां दर्ज करने का मौका भी दिया गया लेकिन वो ऐसा करने में असफल रहे. उधर तासीर ने ट्विटर पर लिखा है कि- उन्हें जवाब देने के लिए 21 दिन नहीं दिए गए. ज्ञात है कि OCI कार्ड से भारतीय मूल के विदेशी लोगों को भारत आने, यहां रहने और काम करने का अधिकार मिलता है.
तासीर के पिता सलमान तासीर पाकिस्तान के जाने माने नेता थे. जिनका जन्म भारत में ही हुआ था, जिनकी मां एक ब्रिटिश नागरिक थीं. विभाजन के बाद सलमान तासीर पाकिस्तानी हो गए. ईशनिंदा कानून के खिलाफ बोलने के कारण 2011 में उनके अंगरक्षक ने ही उन्हें गोली मार दी थी. ब्रिटिश नागरिकता रखने वाले आतिश अली तासीर की माँ तवलीन सिंह भी अपने बेटे के बचाव में उतर चुकी हैं. 1950 में मसूरी में जन्मीं तवलीन सिंह ने 1969 में लघु-अवधि का पत्रकारिता पाठ्यक्रम करने के बाद अपने कैरियर की शुरुआत इंग्लैण्ड में ‘इविनिंग मेल’ से की. 1974 में भारत लौटीं और स्टेट्समैन में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हुयीं. 1982 में टेलीग्राफ की विशेष संवाददाता बनीं. इसके बाद सन्डे टाइम्स, इण्डिया टुडे तथा इण्डियन एक्सप्रेस में कार्य किया. 1990 में टेलीविजन से जुड़ीं. अभी भी वो यत्र- तत्र लिखती हैं.


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