अपने कई दिग्गज नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में बोलने से कांग्रेस के सामने एक नयी मुसीबत आ खड़ी हुयी है. धारा 370 एवं 35A हटाए जाने के मामले में कांग्रेस द्वारा विरोध किये जाने के पार्टी लाईन का कई धुरंधरों ने विरोध किया था, पी चिदम्बरम की गिरफ्तारी के बाद 24 घंटे के अंदर एक के बाद एक पार्टी के तीन बड़े नेताओं जयराम रमेश, अभिषेक मनु सिंघवी और शशि थरूर ने सिर्फ PM के विरोध को अपने राजनीती की धुरी बनाने पर सवाल खड़ा कर एक प्रकार से शीर्ष नेतृत्व को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. हाँलाकि कुछ राजनैतिक जानकार इसे कांग्रेस के राजनैतिक चाल के रूप में ही देख रहे हैं.
सबसे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि- ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली में हमेशा नकारात्मक चीज देखना, या फिर उनके द्वारा किए गए काम को कोई तवज्जो नहीं देना और सिर्फ उनकी इमेज पर निशाना साधने से कोई फायदा नहीं होगा. विपक्ष को इस बात को समझना चाहिए.’ रमेश ने दिल्ली में राजनीतिक विश्लेषक कपिल सतीश कोमी रेड्डी की किताब ‘मालेवॉलेंट रिपब्लिक : ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द न्यू इंडिया’ के विमोचन के दौरान इसके साथ ही मोदी सरकार की कई योजनाओं का जिक्र करते हुए उनका लाभ भी बताया.
रमेश ने कहा कि 2014 से 2019 तक मोदी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में और उज्ज्वला योजना के जरिए लाखों लोगों को फायदा पहुंचाया है, यही कारण है कि लोगों ने उनपर विश्वास जताया. विपक्ष को इस बात को स्वीकार करना चाहिए. हमें ये भी मानना होगा कि जो काम लंबे समय से नहीं हुआ, वो उनके पहले कार्यकाल में हुआ. यही कारण है कि उनके काम को स्वीकार किए बिना आप उनका मुकाबला नहीं कर सकते हैं. सिर्फ उनकी बुराई करने से कोई फायदा नहीं होने वाला है.
उन्होंने कहा कि मोदी उस भाषा में बात करते हैं, जो भाषा लोग आसानी से समझते हैं. ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ काफी सफल रही और जमीनी स्तर तक पहुंची. 2019 के चुनाव में केंद्र सरकार की कई योजनाओं का काफी मजाक उड़ाया गया, लेकिन कई योजनाओं ने करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचाया और केंद्र सरकार के लिए दोबारा वोट करने के लिए प्रोत्साहित किया. पूरे चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष ने किसानों की समस्या की बात की. लोगों ने भी माना कि किसानों की समस्या है लेकिन करोड़ों की संख्या में लोग ये मानने को तैयार नहीं थे कि इस समस्या का कारण नरेंद्र मोदी हैं.

अभिषेक मनु सिंघवी ने भी PM मोदी को खलनायक की तरह पेश करने को गलत ठहराते हुए ट्विटर पर लिखा कि ऐसा कर विपक्ष एक तरह से उनकी मदद ही करता है. वह देश के प्रधानमंत्री हैं और ऐसा करने से उन्हें ही फायदा होता है. सिंघवी ने रमेश के बयान का हवाला देते हुए ट्वीट किया कि- ‘मैंने हमेशा कहा है कि मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत है. सिर्फ इसलिए नहीं कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, बल्कि ऐसा करके एक तरह से विपक्ष उनकी मदद करता है. काम हमेशा अच्छा, बुरा या मामूली होता है. काम का मूल्यांकन व्यक्ति नहीं बल्कि मुद्दों के आधार पर होना चाहिए. उज्ज्वला योजना कुछ अच्छे कामों में एक है.
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने भी इन दोनों के बाद कहा कि ‘मैं पिछले 6 साल से कह रहा हूँ कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे कामों की तारीफ करनी चाहिए. इससे जब वह गलतियां करते हैं, तब हमारी आलोचना की विश्वसनीयता बनी रहेगी. मैं अपने साथियों के बयान का स्वागत करता हूँ, जिसकी पैरवी मैं बहुत पहले से कर रहा था.’
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर भी इसी माह कांग्रेस के कई बड़े नेता पार्टी लाईन के खिलाफ बोले थे. कई बड़े नेताओं ने मोदी सरकार के फैसले का विरोध किया था तो कई नेताओं ने पार्टी लाईन के खिलाफ बोलकर पार्टी की किरकिरी करवाई थी.


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